अमृतसर नगर निगम चुनाव विवाद: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 22 फरवरी को सुनवाई

अमृतसर नगर निगम चुनाव विवाद: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 22 फरवरी को सुनवाई

अमृतसर नगर निगम चुनाव के दौरान हुई गहमागहमी का वीडियो सामने आया है। जिसमें कांग्रेस आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाकर हंगामा कर रहे हैं। - Dainik Bhaskar

अमृतसर नगर निगम चुनाव के दौरान हुई गहमागहमी का वीडियो सामने आ चुका है। जिसमें कांग्रेस आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाकर हंगामा करते देखे जा सकते हैं। - Dainik Bhaskar

अमृतसर नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर विवाद अभी भी जारी है। इस मामले की सुनवाई 22 फरवरी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा की जाएगी। पहले यह सुनवाई 21 अप्रैल के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन कांग्रेस पार्षद विकास सोनी के वकीलों की प्री-पोल दायर कर जल्दी सुनवाई की अपील को स्वीकार कर लिया गया।

यह विवाद नगर निगम चुनाव परिणामों को लेकर है, जिसमें 27 जनवरी 2025 को हुए चुनाव में जितेंद्र सिंह मोती भाटिया को मेयर, प्रियंका शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और अनीता रानी को डिप्टी मेयर चुना गया था। लेकिन कांग्रेस पार्षद विकास सोनी ने चुनाव को रद्द करने की मांग की और 28 जनवरी को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनका आरोप था कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस के बहुमत को नजरअंदाज कर अपने उम्मीदवारों को विजयी घोषित करवा लिया।

अब तक हुई सुनवाई में, 29 जनवरी को हाईकोर्ट ने याचिका पर पहली सुनवाई की थी, और बाद में 9 फरवरी को फैसला सुरक्षित रखा था। 10 फरवरी को हाईकोर्ट ने नोटिस ऑफ मोशन जारी किया था और 11 फरवरी को इसके अगले सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की थी। लेकिन कांग्रेस के वकील की अपील के बाद 20 फरवरी को इसे फिर से सुनने का फैसला किया गया।

कांग्रेस ने AAP पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें मतदान के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज जारी कर यह आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया और चुनाव परिणामों में गड़बड़ी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मेयर के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं और नगर निगम अधिकारियों के बीच बैठकें हुई थीं, जिसमें चुनाव को प्रभावित करने की साजिश रची गई थी।

अमृतसर नगर निगम चुनाव 21 दिसंबर 2024 को हुए थे, जिसमें कांग्रेस को 40 सीटें मिलीं, AAP को 24, भाजपा को 9, और शिरोमणि अकाली दल को 4 सीटें मिलीं। बाद में कुछ निर्दलीय और भाजपा पार्षदों ने AAP ज्वाइन कर लीं, जबकि 1 निर्दलीय ने कांग्रेस ज्वाइन की।

इस चुनावी विवाद के बीच, मेयर जितेंद्र सिंह मोती भाटिया ने 28 जनवरी को अपना पदभार संभाल लिया था, लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर प्रियंका शर्मा और डिप्टी मेयर अनीता रानी अभी तक कार्यभार नहीं ले पाई हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही इन दोनों पदों के लिए कार्यभार संभालने की संभावना है।

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