खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की लोकसभा सदस्यता खतरे में, हाईकोर्ट में सुनवाई
डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की लोकसभा से गैरहाजिर रहने के कारण उनकी संसदीय सदस्यता खतरे में है। अमृतपाल सिंह खालिस्तान समर्थक हैं, और उनके द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होने जा रही है। इस याचिका में अमृतपाल ने कोर्ट से मांग की है कि उन्हें लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
अमृतपाल के वकील ने याचिका में दलील दी है कि यदि वह 60 दिनों तक लोकसभा की कार्यवाही से गैरहाजिर रहते हैं, तो उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है। वर्तमान में, अमृतपाल 46 दिनों से लोकसभा की कार्यवाही में भाग नहीं ले पाए हैं। याचिका के बाद अब कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा।
अमृतपाल ने अपनी गैरहाजिरी के बारे में यह बताया कि वह पहले 24 जून से 2 जुलाई, फिर 25 नवंबर से 12 दिसंबर तक संसद सत्रों में गैरहाजिर रहे थे। इसके बाद, अमृतपाल ने अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट को भी रिप्रेजेंटेशन दी थी, लेकिन वह रद्द कर दी गई।
अमृतपाल सिंह ने 14 जनवरी 2025 को मुक्तसर में माघी मेले के दौरान अपनी नई पार्टी “अकाली दल वारिस पंजाब दे” की घोषणा की थी, जिसमें वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। इस पार्टी के नेताओं ने दिल्ली की विचारधारा और सिख समुदाय के खिलाफ हो रहे कथित हमलों का विरोध किया था।
अमृतपाल सिंह ने सांसद बनने से पहले “वारिस पंजाब दे” संगठन संभाला था, जिसे पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने 2021 में शुरू किया था। दीप सिद्धू की सड़क हादसे में मौत के बाद अमृतपाल ने संगठन की कमान संभाली थी। दीप सिद्धू ने संगठन का उद्देश्य सिख पंथ के रास्ते पर युवाओं को लाना और पंजाब को जागरूक करना बताया था।
यह मामला अमृतपाल के राजनीतिक और कानूनी हालात को लेकर गंभीर हो सकता है, और इस पर आने वाली सुनवाई से उनकी लोकसभा सदस्यता और राजनीतिक भविष्य पर बड़ा असर पड़ सकता है।