चौंक गए न! अमेरिका में नहीं मिलती मैटरनिटी लीव, पाकिस्‍तान से भी बुरे हैं यूरोप के हालात, भारत में कितनी छुट्टी?

हाइलाइट्स

अमेरिका में कामकाजी महिलाओं को पेड मैटरनिटी लीव की सुविधा नहीं दी जाती है. कुछ अमेरिकी राज्‍यों ने अपने स्‍तर पर इसके लिए कुछ नियम बनाए हैं.बता दें कि दुनिया के 178 देशों में पेड मैटरनिटी लीव दी जाती है.

नई दिल्‍ली. पूरी दुनिया को आजादी और समानता का ज्ञान देने वाला अमेरिका खुद कितना पीछे चल रहा है, इसका अंदाजा आप सिर्फ एक नियम से लगा सकते हैं. दुनियाभर के देश जहां कामकाजी महिलाओं को प्रेग्‍नेंसी और डिलीवरी के समय मैटरनिटी लीव यानी मातृत्‍व अवकाश की सुविधा देते हैं वहीं अमेरिका में काम करने वाली महिलाओं को इस तरह की कोई सुविधा नहीं दी जाती है. यह बात तब और चौंकाती है, जबकि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने भी साफ तौर पर कह रखा है कि कामकाजी महिलाओं को 16 सप्‍ताह का मैटरनिटी लीव दिया ही जाना चाहिए.

अगर दुनिया की दिग्‍गज और वि‍कसित अर्थव्‍यवस्‍था वाले देशों के मुकाबले विकासशील देशों की स्थिति देखी जाए तो ज्‍यादा बेहतर नजर आती है. हम आपको अमेरिका और यूरोप के कुछ प्रमुख देशों के साथ एशियाई देश भारत और उसके पड़ोसी चीन-पाकिस्‍तान के हालात बताएंगे. इनमें से कौन से देश हैं जो अपनी महिला कर्मचारियों को पेड मैटरनिटी लीव का फायदा देते हैं.

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क्‍या हैं अमेरिका के हालात
जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि अमेरिका में कामकाजी महिलाओं को पेड मैटरनिटी लीव की सुविधा नहीं दी जाती है. हालांकि, अमेरिकी राज्‍यों ने अपने स्‍तर पर इसके लिए कुछ नियम बनाए हैं. कैलीफोर्निया, रोडे आईलैंड और न्‍यू जर्सी जैसे राज्‍यों में ही कुछ दिन की पेड मैटरनिटी लीव दी जाती है. 25 फीसदी महिलाओं को डिलीवरी के 2 सप्‍ताह बाद ही वापस काम पर लौटने को मजबूर होना पड़ता है, क्‍योंकि ज्‍यादा दिन छुट्टी पर रहने से नौकरी भी जा सकती है. आपको बता दें कि दुनिया के 178 देशों में पेड मैटरनिटी लीव दी जाती है, जिसमें अमेरिका शामिल नहीं है.

यूरोपीय देशों के क्‍या हालात
यूरोपीय संघ ने WHO के निर्देश पर मैटरनिटी लीव का प्रावधान बना रखा है. लिहाजा यूरोप के ज्‍यादातर देशों में यह सुविधा महिलाओं को दी जाती है. अगर बात सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था वाले यूरोपीय देश जर्मनी की करें तो यहां 14 सप्‍ताह का मैटरनिटी लीव दिया जाता है. इसमें 6 हफ्ते बच्‍चे के जन्‍म से पहले और 8 हफ्ते जन्‍म के बाद दिए जाते हैं. अगर प्रीमेच्‍योर डिलीवरी होती है या बच्‍चे के साथ कोई दिक्‍कत है तो 18 सप्‍ताह की मैटरनिटी लीव दी जाती है. यूरोपीय देशों में सबसे ज्‍यादा लीव एस्‍टोनिया में 86 सप्‍ताह की दी जाती है. इसमें से 20 सप्‍ताह की पेड लीव है, जिसमें सैलरी का 100 फीसदी भुगतान किया जाता है.

भारत, चीन और पाकिस्‍तान के क्‍या हाल
भारत में तो 26 सप्‍ताह की मैटरनिटी लीव है और वह भी 100 फीसदी पेमेंट के साथ. इसके मुकाबले चीन में राष्‍ट्रीय स्‍तर पर 98 दिन की मैटरनिटी लीव दी जाती है. हालांकि, कुछ राज्‍य हैं जो 128 से 190 दिन की मैटरनिटी लीव भी देते हैं. अब बात करते हैं पाकिस्‍तान की जहां सरकार ने पहले बच्‍चे पर मैटरनिटी लीव के तौर पर 180 (26 सप्‍ताह) दिन निर्धारित किए हैं. दूसरे बच्‍चे पर 120 दिन और तीसरा बच्‍चा होने पर 90 दिन की पेड मैटरनिटी लीव दी जाती है.

Tags: Business news, Indian women, Paternity leave

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