इंदौर: शादियों की सीजन और गर्मी को देखते हुए इंदौर के बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में उमंग कॉटन एंड सिल्क एक्सपो लगा है. देशभर के सिल्क के साथ ही मेले में गर्मी के मौसम को देखते हुए कॉटन का भी उम्दा कलेक्शन मिल रहा है. यहां कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के ब्राइडल स्पेशल कलेक्शन के साथ कॉटन के सूट और कुर्ते आए हैं.
बनारस, कर्नाटक, असम, तमिलनाडु के साथ पंजाब, जयपुर, गुजरात का सिल्क और कॉटन इस एक्सपो की शान बढ़ा रहा है. यहां पंजाब के साथ ही जयपुर के कॉटन के सूट और कुर्तियां लोगों को पसंद आ रही हैं. गर्मी को देखते हुए इस एक्सपो में खासतौर पर ऐसे सिल्क को शामिल किया गया है, जो गर्मी में पहनने पर राहत देते हैं.
चंडीगढ़ से कन्हैया चुनोन सिल्क के साथ ही लिनन कॉटन और प्योर कॉटन के सूट लेकर आए हैं, जो मिरर, मोती, कश्मीरी, गोटा वर्क किए हैं. ये युवतियों की पहली पसंद बनकर सामने आ रहे हैं. राजकोट से आए सुमन के पास गुजरात का पटोला है, जिसकी कीमत 18 हजार 500 से 1 लाख 80 हजार रुपए तक है.
बांस की साड़ी
शुभम दास बताते हैं कि यहां पर रेशम की तरह ही नजर आने वाला एक और कपड़े की खास साड़ी है, जिसे बांस का कपड़ा कहा जाता है. यह कपड़ा असम में तैयार होता है. इस कपड़े से बनने वाली साड़ी पर वहां के जनजीवन की छटा देखी जा सकती है. साढ़े छह मीटर की साड़ी महज दो बांस से तैयार हो जाती है. बांस को तोड़कर उसे डेढ़ माह तक पानी में भिगोकर रखा जाता है और फिर उस बांस से मशीन की मदद से धागा तैयार किया जाता है. इस धागे से बनने वाली साड़ी का बेस बांस के मूल रंग का ही होता है, लेकिन उसपर बनने वाली डिजाइन रंगीन धागे से बनती है. हथकरघा से तैयार होने वाली इस साड़ी की बुनाई में भी करीब दो माह लगते हैं. यह कपड़ा करीब 10 वर्ष तक खराब नहीं होता.
बंबू के कप प्लेट भी
यहां आर्टिफिशियल ज्वेलरी के साथ एनजीओ सर्वसेवा के स्टॉल पर बांस से बनी पानी की बोतल, ट्रे, ब्रश, पेन, लैंप, हेयर क्लिप और पेन होल्डर भी शामिल है. वेदांश सोनी बताते हैं कि बाइक ट्रैवलिंग का शौक है, इसी तरह जब अपनी बाइक से असम पहुंचा तो वहां मुझे बम्बू से से बनी चीजें आकर्षित करने लगी. ऐसे में इन्हे मंच नहीं मिलता तो उनके प्रोडक्ट को इंदौर में एग्जिबिशन के जरिए बेचना शुरू किया. यहां बंबू से बनी कई चीजें हैं, जो 350 से शुरू होती है.
आज अंतिम दिन
ये सिल्क एक्सपो 5 मई तक चलेगा. इस बार मेले में हर राज्य की खासियत लेकर 60 स्टॉल पर बुनकर आए हैं. इसके अलावा जयपुर की बेडशीट और दोहर भी लाए हैं, जो हैंड ब्लॉक प्रिंटेड है.
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FIRST PUBLISHED : May 4, 2024, 17:02 IST










