समस्तीपुर : मछली पालन किसानों का कमाई का बेहतर स्रोत बनते जा रहा है. खेती किसानी करने वाले लोग भी अब मछली पालन से जुड़ रहे रहें हैं. किसान छोटे पैमाने पर भी मछली पालन की शुरुआत कर सकते हैं. मछली पालन में अधिक खर्च भी नहीं होता है और इसमें मुनाफा भी अधिक है. मछली पालन करने वाले किसान हर वर्ष लाखों में मुनाफा कमा रहे हैं. समस्तीपुर में भी एक ऐसे किसान हैं जो मछली पालन से जुड़कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. यह किसान समस्तीपुर जिला के मोरवा प्रखंड अंतर्गत गुनाई बसही गांव के रहने वाले अरविंद मंडल हैं. जो 5 एकड़ के तालाब में मछली पालन कर रहे हैं.
मछली पालन से 6 माह में कमा लेते हैं 5 लाख का मुनाफा
किसान अरविंद मंडल ने बताया कि 10 वर्षों से खेत में सालोंभर जलभराव रहता था. इसमें एक भी फसल वह नहीं पाते थे. तब मछली पालन का आइडिया आया तो 5 एकड़ जमीन को तालाब में तब्दील कर दिया. वर्तमान में इस तालाब में, नैनी कतला, रेहू नस्ल की मछलियां पाल रहे हैं. यह मछलियां 6 महीने में ही तैयार हो जाती है. इसको तालाब से निकाल कर लोकल स्तर पर ही बिक्री कर देते हैं.
हर 6 माह में सारा खर्च काट कर 5 लाख का शुद्ध मुनाफा हो जाता है. उन्होंने बताया कि मछली को ऑक्सीजन की कमी ना हो इसके लिए मोटर पंप भी लगा रखा है. मछलियों की बेहतर ग्रोथ रेट बरकरार रखने के लिए अच्छी कंपनी का दाना भी खिलाते हैं.
230 रुपए प्रति किलो तक में बिकती है कतला मछली
अरविंद कुमार मंडल ने बताया कि खेत में हमेशा जलजमाव रहने की वजह से ही तालाब खुदवाने का निर्णय लिया था. उन्होंने बताया कि कतला मछली की कीमत 230 रुपये प्रति केजी है. जबकि अन्य मछलियां 150 से लेकर 180 रुपए प्रति केजी के हिसाब से बिक जाता है. उन्होंने बताया कि मछली पालन एक ऐसा धंधा है जिसको सही तरीके से किया जाए तो किसानों को कभी नुकसान नहीं हो सकता है. मछली पालन से जुड़कर किसान कम लागत में अच्छी कमाई कर सकते हैं.
FIRST PUBLISHED : May 4, 2024, 18:14 IST










