धार. मध्य प्रदेश के धार की भोजशाला का सर्वे लगातार जारी है. 3 मई को सर्वे का 43वां दिन पूरा हुआ. शुक्रवार होने के चलते मुस्लिम समाज ने भोजशाला में नमाज पढ़ी. इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. नमाज के बाद समाज के सदस्यों ने सर्वे पर आपत्ति जताई. उन्होंने जिला प्रशासन को इसे लेकर ज्ञापन भी सौंपा. समाज ने जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया है कि भोजशाला मे चल रही खुदाई को रोका जाए. सर्वे कोर्ट के नियमों के मुताबिक किया जाए, नहीं तो मुस्लिम समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा. बता दें, एएसआई (Archeological Survey of India-ASI) की टीम 3 मई को सुबह ही सर्वे के लिए भोजशाला पहुंच गई थी. उसके साथ हिंदू-मुस्लिम पक्षकार और मजदूर भी मौजूद थे.
भोजशाला में आज कई तरह के काम किए गए. इन कामों में उत्खनन, मेजरमेंट मैपिंग, स्केचिंग, वीडियोग्राफी फोटोग्राफी सहित अन्य कई कामिल थे. सर्वे के दौरान एएसआई की टीम को अभी तक यहां से स्तंभ, सीढ़ियां, तीन दीवारें, दो प्रतिमाएं, धातु के सिक्के, गौमुख, शिलालेख और अन्य कई प्रकार की चीजें मिली हैं. टीम ने भोजशाला के गर्भगृह और पीछे की ओर मिट्टी हटाने का काम किया गया. हिंदू पक्षकार गोपाल शर्मा ने बताया कि एएसआई न गर्भगृह और पीछे की ओर मिट्टी हटाने का काम किया. दक्षिण दिशा में पत्थरों की दीवार बनाने का काम भी किया गया. भोजशाला के पीछे की ओर खेत में जो पॉइंट चिन्हित किया गया था, वहां भी मिट्टी हटाई गई.
अरबी-फारसी के जानकार सर्वे में शामिल
भोजशाला में जहां-जहां बारिश के पानी का रिसाव या भराव होता है वो पॉइंट चिन्हित किए गए. इस दौरान अरबी भाषा के जानकार भी सर्वे में शामिल हुए. वे उन शिलालेखों की जांच करेंगे, जिन पर अरबी में लिखावट दिखाई दी है. दूसरी ओर, मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद ने बताया कि भोजशाला मे अंदर और पीछे की ओर काम किया गया. अरबी-फारसी जानने वाले भी टीम में शामिल हुए है. वे शिलालेखों पर लिखावट की जांच करेंगे. उन्होंने बताया की गर्भगृह से जो सिक्के मिले हैं वह मुगलकालीन हैं.
FIRST PUBLISHED : May 3, 2024, 17:43 IST










