लुधियाना में नेताओं की सुरक्षा का पुनरावलोकन, 135 से अधिक नेताओं के इंटेलिजेंस डेटा का किया जा रहा संग्रह
पंजाब के लुधियाना में अब धार्मिक नेताओं के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा का भी पुनरावलोकन (रिव्यू) शुरू कर दिया गया है। इस रिव्यू का मुख्य उद्देश्य नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और सुरक्षा खामियों को दूर करना है। इस प्रक्रिया के तहत 135 से अधिक नेताओं का इंटेलिजेंस डेटा इकट्ठा किया जा रहा है।
यह कदम जालंधर में पूर्व कैबिनेट मंत्री और आरएसएस के प्रचारक मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद उठाया गया है। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को चौका दिया और अब हर जिले में नेताओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा रिव्यू की रिपोर्ट को एसएचओ द्वारा एडीसीपी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद इसे पुलिस कमिश्नर के समक्ष पेश किया जाएगा। डीजीपी ने आदेश जारी किए हैं कि सभी नेताओं के घर और दफ्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की जाँच की जाए, और यह सुनिश्चित किया जाए कि यह सुरक्षा पूरी तरह से प्रभावी है।
इसके अलावा, पुलिस उन नेताओं पर भी निगरानी रख रही है, जिन्होंने गनमैन हासिल किए हैं, लेकिन जिनके खिलाफ कोई स्पष्ट सुरक्षा खतरा नहीं है। ऐसे व्यक्तियों की जांच की जा रही है कि उन्हें कब और कैसे कोई थ्रेट मिली, और इसके आधार पर उनकी सुरक्षा में कटौती की संभावना है।
इस प्रकार, पंजाब पुलिस सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने के लिए लगातार कदम उठा रही है ताकि नेताओं को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके।