शिमला. शिमला के समरहिल में बीते वर्ष हुए हादसे में शिव बावड़ी मंदिर और 2 सड़कों सहित रेलवे का पुल भी टूट गया था. अंग्रेज़ों द्वारा बनाए गए पुल के टूटने के बाद यहां रेलवे ने अस्थाई तौर पर पुल बनाया था. हादसे के करीब 2 महीनों के बाद रेलवे ने शिमला के लिए फिर से ट्रेनों की आवाजाही शुरू कर दी थी. एक बार फिर इस अस्थाई पुल के गिरने का खतरा बना हुआ है.
रेलवे की ओर से ऐतिहात के तौर पर शिमला आने-जाने वाली ट्रेनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया है. यह पर्यटन का पीक सीजन है, ट्रेनों की आवाजाही बंद होने से कहीं न कहीं पर्यटन पर भी इसका असर देखने को मिलेगा.
पुल के एक छोर में आई समस्या
शिमला के समरहिल वार्ड के पार्षद वीरेंदर ठाकुर ने बताया कि समरहिल के शिव बावड़ी में बीते वर्ष बरसात के समय आई आपदा में रेलवे का पुल भी टूट गया था. हादसे के बाद यहां ट्रेनों की आवाजाही के लिए लोहे का अस्थायी पुल बनाया गया था. इस पुल से ही ट्रेनों की आवाजाही हो रही थी. पुल के एक छोर पर समस्या आने से रेलवे ने शिमला आने-जाने वाली ट्रेनों को रद्द करने का नोटिस लगाया है. हालांकि, इस स्थान पर स्थाई पुल के निर्माण का कार्य चल रहा है.
पर्यटन पर पड़ेगा ट्रेनों के बंद होने का असर
शिमला में इन दिनों पर्यटन सीजन पीक पर है. रोजाना हज़ारों पर्यटक शिमला पहुंच रहे हैं. इसमें बहुत बढ़ी संख्या टॉय ट्रैन के माध्यम से शिमला पहुंचने वालों की भी है. ऐसे में शिमला के लिए सभी 7 ट्रेनों का रद्द किया जाना पर्यटन पर भी प्रभाव डाल सकता है. टॉय ट्रैन के माध्यम से हिमाचल की खूबसूरत वादियों को निहारते हुए शिमला पहुंचने का अपना एक अलग आंनद है. इसी आंनद के लिए पर्यटक टॉय ट्रैन में सफर करना पसंद करते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 25, 2024, 12:11 IST










