हरियाणा सरकार का नया आदेश: अनुबंधित कर्मचारियों के लिए चिंता की लहर

हरियाणा सरकार का नया आदेश: अनुबंधित कर्मचारियों के लिए चिंता की लहर

हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 12 अप्रैल – हरियाणा सरकार के एक नए आदेश ने राज्य के अनुबंधित कर्मचारियों में चिंता पैदा कर दी है। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा 3 अप्रैल को जारी आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों की नियुक्ति हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के माध्यम से हुई है, उन्हें अब “सेवा सुरक्षा” का लाभ नहीं मिलेगा, अगर वे हरियाणा अनुबंधित कर्मचारी (जॉब सिक्योरिटी) एक्ट, 2024 के तहत कवर नहीं आते। इस आदेश के बाद, कर्मचारियों की नौकरी जाने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर उन कर्मचारियों के लिए जिनकी नियुक्ति 15 अगस्त 2019 के बाद हुई थी।

मुख्य बिंदु:

  1. रिक्त पदों की स्थिति में कर्मचारियों की छंटनी:
    सरकार के इस आदेश में कहा गया है कि जिन विभागों, बोर्डों और निगमों में रिक्त पद उपलब्ध नहीं हैं, वहां पहले से काम कर रहे अनुबंधित कर्मचारियों को हटाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (FIFO) के सिद्धांत को लागू किया जाएगा, यानी जिन कर्मचारियों की सेवा सबसे कम अवधि की होगी, उन्हें पहले हटाया जाएगा।

  2. 15 अगस्त 2019 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को मिलेगा सेवा सुरक्षा का लाभ:
    जो कर्मचारी 15 अगस्त, 2019 से पहले एचकेआरएनएल या आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत काम कर रहे हैं, उन्हें नौकरी से मुक्त नहीं किया जाएगा। इन कर्मचारियों को हरियाणा अनुबंधित कर्मचारी (सेवा की सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के तहत सेवा सुरक्षा का लाभ मिलेगा, और उनके मामलों पर संबंधित विभाग कार्रवाई करेगा।

  3. नए ग्रुप सी कर्मचारियों की भर्ती:
    हरियाणा सरकार हाल ही में ग्रुप सी कर्मचारियों की भर्ती के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) आयोजित कर रही है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत नए कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है, जबकि पुरानी नियुक्तियों को समायोजित करने की प्रक्रिया जारी है।

कांग्रेस और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया:

कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने इस आदेश को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे न केवल अनुबंधित कर्मचारियों के लिए बल्कि पूरे राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए भी गलत करार दिया है। सुरजेवाला ने सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की है।

सर्व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने भी इस आदेश को अवैध और अनावश्यक बताया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का दावा करती है, लेकिन इस फैसले से बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से तत्काल इस आदेश को वापस लेने की मांग की है।

हरियाणा में संविदा कर्मचारियों की भर्ती:

एचकेआरएनएल की स्थापना 2021 में हरियाणा सरकार द्वारा की गई थी, ताकि सरकारी विभागों और संस्थाओं में संविदात्मक कर्मचारियों की भर्ती की जा सके। इससे पहले, कर्मचारियों की भर्ती आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत की जाती थी। एचकेआरएनएल ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की नियुक्ति को सुव्यवस्थित किया है।

निष्कर्ष:

हरियाणा सरकार का यह आदेश राज्य के अनुबंधित कर्मचारियों के लिए चिंता का कारण बन चुका है। खासकर उन कर्मचारियों के लिए जो 15 अगस्त 2019 के बाद भर्ती हुए हैं, क्योंकि उन्हें अब नौकरी से बाहर किए जाने का डर है। कर्मचारियों और विपक्षी दलों द्वारा इस आदेश के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है, और अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

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