हरियाणा सरकार के विधेयकों पर केंद्र से नकारात्मक प्रतिक्रिया, विधानसभा में नए कदम उठाएगी सरकार

हरियाणा सरकार ने हाल ही में राज्य में संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने और शव निपटान पर कड़े प्रावधानों वाले दो विधेयक पारित किए थे, जिनका केंद्र सरकार ने स्वीकृति नहीं दी है। इन विधेयकों को आपत्ति लेकर केंद्र सरकार ने वापस भेज दिया है। इससे हरियाणा सरकार को बड़ा झटका लगा है, और अब राज्य सरकार इन विधेयकों को फिर से विधानसभा में निरस्त करने का प्रस्ताव रखेगी और आपत्तियों को दूर करके नए सिरे से इन विधेयकों का ड्राफ्ट तैयार करेगी।
1. हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक
इस विधेयक में राज्य में बढ़ते संगठित अपराधों को नियंत्रित करने के लिए कड़े प्रावधान किए गए थे। इसके तहत संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की बात थी, हालांकि, विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, ने इस विधेयक का विरोध किया था। उनका कहना था कि यह विधेयक बिना सही रूपरेखा के बनाया गया था और इसमें मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
2. हरियाणा ऑनरेबल डिस्पोजल ऑफ डेड बॉडी बिल 2024
दूसरा विधेयक “हरियाणा ऑनरेबल डिस्पोजल ऑफ डेड बॉडी बिल 2024” था, जिसमें शव के साथ प्रदर्शन, धरना या सड़क जाम पर कड़ी कार्रवाई की बात थी। इस विधेयक में यह प्रावधान था कि यदि कोई शव के साथ प्रदर्शन करता है या सड़क जाम करता है, तो उसे छह माह से लेकर पांच साल तक की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। विपक्ष ने इस विधेयक को भी कड़े शब्दों में आलोचना की, खासकर कांग्रेस ने इसे “असंवैधानिक” और “जनता के अधिकारों के खिलाफ” बताया था।
इन दोनों विधेयकों को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई थी और विधेयकों में संशोधन की मांग की थी। अब हरियाणा सरकार को इन विधेयकों को वापस लाकर केंद्र की आपत्तियों को दूर करना होगा और फिर से इनका मसौदा तैयार करना होगा।
हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही
सोमवार को हरियाणा विधानसभा में तीन दिन के अवकाश के बाद कार्यवाही शुरू होगी। अब विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे शुरू होगी, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यह मांग की थी कि दूरदराज से आने वाले विधायकों को कार्यवाही में शामिल होने के लिए अधिक समय मिले। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने यह प्रस्ताव मंजूर करते हुए कार्यवाही को 2 बजे से शुरू करने की स्वीकृति दी है।
इस दिन विधानसभा में डीएपी (डी अमोनियम फॉस्फेट) खाद की कमी पर भी हंगामा होने की संभावना है। कांग्रेस और इनेलो दोनों दलों ने इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है, क्योंकि राज्य में किसानों को खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, राज्य सरकार ने पहले ही यह दावा किया था कि डीएपी की कोई कमी नहीं है, अब देखना होगा कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को कितना घेरने में सफल होता है।
इसके साथ ही इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने राज्य में डेंगू के बढ़ते मामलों पर भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है।
कुल मिलाकर, इन दोनों विधेयकों के केंद्र से अस्वीकृत होने के बाद हरियाणा सरकार को इन मुद्दों पर पुनर्विचार करना होगा। इसके अलावा विधानसभा में खाद संकट और डेंगू जैसी समस्याओं पर विपक्ष सरकार से कड़ी जवाबदेही मांगने के लिए तैयार है, जिससे विधानसभा सत्र में गतिरोध देखने को मिल सकता है।










