अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: पीजीआई चंडीगढ़ बनाएगा नया रिकॉर्ड, 3,000 से अधिक हेल्थ वर्कर्स एक साथ करेंगे योग

चंडीगढ़, 15 जून 2025:
देश का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान पीजीआई चंडीगढ़ इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) पर इतिहास रचने की तैयारी में है। पिछले वर्ष 1,924 हेल्थ केयर वर्कर्स के साथ एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने के बाद, संस्थान अब अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। इस बार लक्ष्य है — 3,000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को एक साथ योग करवाना।
ट्राइसिटी के अस्पताल भी होंगे शामिल
इस योग आयोजन को और व्यापक बनाने के लिए इस बार चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला (ट्राइसिटी) के सरकारी और निजी अस्पतालों के हेल्थ वर्कर्स को भी जोड़ने की योजना है।
इस अभियान का नेतृत्व कर रहे सीसीआरवाईएन इंचार्ज और पीजीआई के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अक्षय आनंद ने बताया कि इसके लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है, जो आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) और अन्य मेडिकल संस्थानों से भी संपर्क साध रही है।
योग से बीमारियों में राहत: रिसर्च आधारित प्रमाण
पीजीआई में योग के वैज्ञानिक पहलुओं पर अध्ययन के लिए कोलैबोरेटिव सेंटर फॉर माइंड बॉडी इंटरवेंशन की स्थापना की गई है। यह केंद्र योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद (CCRYN), नई दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ का संयुक्त प्रोजेक्ट है।
डॉ. अक्षय आनंद ने बताया कि रिसर्च से यह सामने आया है कि:
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आर्थराइटिस (गठिया) और
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पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज) जैसी समस्याओं में योग से बड़ा लाभ मिल सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली AIIMS में भी इसी तरह की रिसर्च योग के सकारात्मक प्रभावों को सिद्ध कर चुकी है।
मरीजों के अटेंडेंट्स के लिए भी योग सुविधा
पीजीआई केवल डॉक्टरों और स्टाफ के लिए ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले अटेंडेंट्स की मानसिक सेहत का भी ख्याल रख रहा है। डॉ. आनंद ने बताया कि:
“अटेंडेंट्स अक्सर लंबी लाइनों, रुकने की दिक्कतों और असुविधाओं के कारण तनाव में रहते हैं। उन्हें राहत देने के लिए पीजीआई परिसर में सप्ताह में दो बार योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।”










