अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगियों पर पंजाब पुलिस की कार्रवाई तेज, अप्रैल में हो सकती है वापसी
खालिस्तान समर्थक और सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर पंजाब पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमृतपाल सिंह को अप्रैल में डिब्रूगढ़ से पंजाब लाया जा सकता है, क्योंकि 22 अप्रैल को उनका एनएसए (नेशनल सिक्योरिटी एक्ट) खत्म हो रहा है। पंजाब पुलिस के डीएसपी गुरविंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत में इस संभावना का संकेत दिया है।
इसके अलावा, अमृतपाल के एक अन्य साथी पप्पलप्रीत सिंह की भी 10 अप्रैल के बाद पंजाब वापसी संभव है। बीते चार दिनों में एक और सहयोगी अमनप्रीत को कोटकपूरा से गिरफ्तार किया गया है। अमनप्रीत को पहले से हिरासत में लिए गए सात अन्य साथियों के साथ अमृतसर की अजनाला कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उनका तीन दिन का अतिरिक्त रिमांड हासिल किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस केस में 19 नामजद और करीब 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने अदालत में यह भी बताया कि वे अभी भी अमृतपाल द्वारा बनाई गई ‘आनंदपुर खालसा फौज’ के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं, इसलिए आरोपियों का और रिमांड जरूरी है।
इस बीच, अमृतपाल के एक और सहयोगी वीरेंद्र सिंह फौजी को भी पंजाब लाया जा रहा है। वीरेंद्र सिंह पर लगाए गए एनएसए की अवधि समाप्त हो गई है, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने उसे असम की डिब्रूगढ़ जेल से वापस लाने के लिए एक टीम भेजी थी। पुलिस का कहना है कि वीरेंद्र सिंह देर रात तक अमृतसर पहुंच जाएगा, जहां उसे अगले दिन कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।
अब डिब्रूगढ़ जेल में केवल अमृतपाल सिंह और पप्पलप्रीत सिंह ही बाकी हैं, और अमृतपाल सिंह की वापसी की संभावना से यह मामला और भी गर्म हो गया है।