अमृतसर फायरिंग केस: बिक्रम मजीठिया ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा – “क्या यही है भगवंत मान का रंगला पंजाब?”
अमृतसर/चंडीगढ़, 14 अप्रैल:
पंजाब के अमृतसर जिले के मजीठा हलके के गांव कलेर मांगट में रविवार को हुए पेट्रोल पंप फायरिंग कांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में एक करिंदे की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना को लेकर शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है।
मजीठिया का तीखा बयान:
बिक्रम मजीठिया ने कहा –
“क्या यही है भगवंत मान का रंगला पंजाब? जहां दिनदहाड़े गोलियां चलती हैं और लोगों की हत्याएं होती हैं। पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की हालत चिंताजनक हो चुकी है। सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है।”
उन्होंने दावा किया कि फायरिंग की यह वारदात उनके करीबी समरा परिवार के पेट्रोल पंप पर हुई है।
“एक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरे के मुंह में गोली लगी है, जिसकी हालत बेहद गंभीर है। मैं दोनों परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।”
“मेरे करीबियों को टारगेट किया जा रहा है”:
मजीठिया ने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार उनके नजदीकी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
“पहले मजीठा थाने में ब्लास्ट, फिर एक अन्य जान-पहचान वाले के घर बम फेंका गया। अब पेट्रोल पंप पर हमला। ये सब सिर्फ इत्तेफाक नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में फिरौती, टारगेट किलिंग और ब्लास्ट जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं।
“पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है, यहां की सुरक्षा को लेकर इतनी लापरवाही नहीं की जा सकती। मैं हाई लेवल सुरक्षा की मांग करता हूं।”
“17 ब्लास्ट हो चुके हैं”:
मजीठिया ने यह दावा भी किया कि पिछले कुछ समय में पंजाब में 17 ब्लास्ट हो चुके हैं, जो राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में कोई भी व्यक्ति अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहा।
पुलिस जांच जारी
इस बीच, अमृतसर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फायरिंग में शामिल हमलावरों की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार यह मामला लूट या आपसी रंजिश से भी जुड़ा हो सकता है, लेकिन सभी कोणों से जांच जारी है।