अमृतसर में अंबेडकर की प्रतिमा पर हमला: दलित समाज का विरोध और बंद का आह्वान
डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करने की कोशिश की गई। 26 जनवरी को अमृतसर में यह घटना हुई, जब एक युवक ने प्रतिमा पर हमला किया और संविधान की किताब पर आग लगाई। घटना के बाद, यह देखा गया कि विरोध प्रदर्शन बढ़ गए और दलित समाज ने चार जिलों में बंद का आह्वान किया।
प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि आरोपी के खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। इस घटनाक्रम से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें:
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घटना का विवरण: अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट पर एक युवक ने अंबेडकर की प्रतिमा पर चढ़कर उसे तोड़ने की कोशिश की। युवक ने संविधान की किताब पर आग भी लगाई और फिर हथौड़े से प्रतिमा पर हमला किया।
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आरोपी की पहचान: आरोपी युवक की पहचान आकाशदीप के रूप में हुई, जो मोगा का रहने वाला है और 12वीं तक पढ़ा है। तीन साल पहले वह दुबई में लेबर का काम करने गया था और तीन महीने पहले ही वापस लौटा था।
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प्रदर्शन और बंद: इस घटना के विरोध में दलित समाज ने चार जिलों में बंद का आह्वान किया। लुधियाना में प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम किया और दुकानों को बंद करवा दिया।
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पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की है और मामले की पूरी जांच की जाएगी। पुलिस 30 जनवरी को आरोपी से पूछताछ करेगी, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसने प्रतिमा को नुकसान क्यों पहुंचाया।











