अमृतसर में पवित्र ग्रंथों की बेअदबी का मामला, सिख संगठनों में गुस्से की लहर

अमृतसर में पवित्र ग्रंथों की बेअदबी का मामला, सिख संगठनों में गुस्से की लहर

कूड़े की गाड़ी में मिले गुटका साहिब के अंग। - Dainik Bhaskar

अमृतसर, 14 जुलाई 2025: अमृतसर के रणजीत एवेन्यू इलाके में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें कूड़ा उठाने वाली गाड़ी से श्री गुटका साहिब और अन्य पवित्र पोथियों के अंग बरामद हुए हैं। इस घटना ने सिख संगठनों और संगत में गहरा रोष पैदा कर दिया है और पूरे इलाके में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

घटना की जानकारी और विरोध

कूड़ा उठाने वाली गाड़ी के ड्राइवर ने बताया कि जब वह गाड़ी से कूड़ा उठा रहा था, तो उसे पवित्र ग्रंथों के पन्ने मिले। इसके बाद, उसने उन पवित्र ग्रंथों और पोथियों को गुरुद्वारा श्री गुरु नानक प्रकाश साहिब में सौंपने की कोशिश की। लेकिन गुरुद्वारा प्रबंधकों ने इनकार करते हुए कहा कि उनके पास ऐसा कोई सामान नहीं पहुंचा और मौके पर सीसीटीवी कैमरे भी खराब थे, जिससे पूरी स्थिति पर कोई स्पष्टता नहीं मिल सकी।

इस घटना की जानकारी मिलते ही ऑल इंडिया सिख सत्कार कमेटी और अन्य सिख संगठनों ने थाना रंजीत एवेन्यू के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सिख संगठनों का आरोप था कि यह गुरु मर्यादा की बेअदबी है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

सिख नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

सिख नेता निहंग सिंह, बाबा पारस सिंह, और मनदीप सिंह ने मीडिया के माध्यम से अपनी गहरी चिंता और गुस्सा व्यक्त किया। उनका कहना था कि यह घटना सिर्फ सिखों की आस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरे समाज की मर्यादा से जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुटका साहिब और पोथियों के अंग जानबूझकर घरेलू कूड़े में फेंके गए हैं, जो पूरी तरह से धार्मिक भावनाओं का अपमान है।

पुलिस कार्रवाई और जांच

थाना रंजीत एवेन्यू के प्रभारी एसएचओ रोबिन हंस ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि गुटका साहिब के अंग मिलने की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने पूरे शहर और सिख समुदाय में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है, और इसे धार्मिक आस्था का अपमान माना जा रहा है। सिख संगठनों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं और सिखों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाए।

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