किन्नौर में भूस्खलन के बीच ITBP ने दिखाई बहादुरी, 889 कैलाश तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला
किन्नौर | 8 अगस्त 2025: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते कैलाश यात्रा मार्ग पर फंसे 889 तीर्थयात्रियों को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने बहादुरी और सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह राहत और बचाव कार्य कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बावजूद 10 घंटे से अधिक चला।
प्रशासन ने मांगी थी मदद
ITBP की 17वीं वाहिनी के सेनानी सुनील कुमार ने बताया कि किन्नौर प्रशासन से सहायता का अनुरोध मिलने के तुरंत बाद सहायक सेनानी समीर संगोलकी के नेतृत्व में 32 जवानों की एक पर्वतारोहण टीम को रवाना किया गया। टीम को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए करीब 5 किलोमीटर पैदल पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ा।
10 घंटे चला पहला चरण का अभियान
टीम ने शाम 5:30 बजे बचाव अभियान शुरू किया और विशेष पर्वतारोहण व रस्सी बचाव तकनीकों की मदद से लगातार 10 घंटे काम करते हुए पहले चरण में सैकड़ों यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। जवानों ने अंधेरे, बारिश और भूस्खलन की चुनौती के बावजूद एक-एक यात्री को सुरक्षित निकाला।
दूसरे चरण में 476 और यात्रियों की जान बचाई
प्रशासन से मिले एक और अनुरोध के बाद, ITBP की 16 जवानों की एक और टीम को रवाना किया गया। इस टीम ने दूसरे चरण में 476 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
कुल 889 तीर्थयात्रियों को बचाया गया
दोनों चरणों में मिलाकर ITBP ने कुल 889 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। जवानों की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा के समय ITBP न सिर्फ सीमा की सुरक्षा करती है, बल्कि आम लोगों की रक्षा में भी हमेशा तत्पर रहती है।