‘केजरीवाल मॉडल’ किताब का विमोचन 8 जुलाई को मोहाली में, दिल्ली के सुधारों को एक नई दिशा

‘केजरीवाल मॉडल’ किताब का विमोचन 8 जुलाई को मोहाली में, दिल्ली के सुधारों को एक नई दिशा

AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल। - Dainik Bhaskar

मोहाली, 5 जुलाई 2025 — आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और नीति विशेषज्ञ जैस्मीन शाह की किताब ‘केजरीवाल मॉडल’ का विमोचन 8 जुलाई 2025 को मोहाली के कलकत स्थित एक विशेष समारोह में किया जाएगा। इस किताब में दिल्ली में आम आदमी पार्टी के शासन के तहत किए गए बड़े सुधारों और उनके देशभर में लागू होने की संभावनाओं को विस्तार से समझाया गया है।

किताब में क्या है खास?

‘केजरीवाल मॉडल’ किताब में दिल्ली मॉडल ऑफ गवर्नेंस को एक केस स्टडी के रूप में पेश किया गया है, जिसमें दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और प्रशासन के क्षेत्रों में किए गए सुधारों को विशेष रूप से उजागर किया गया है। यह किताब उन सुधारों का विस्तार से विवरण देती है, जिनका दिल्ली के नागरिकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और कैसे ये सुधार देश के अन्य हिस्सों के लिए एक आदर्श बन सकते हैं।

किताब का उद्देश्य

  • दिल्ली के पिछले 10 सालों के सुधारों को बारीकी से पेश किया गया है।

  • किताब को भारत के भविष्य के विकास के नए विजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो देश के लिए नई दिशा दिखा सकता है।

  • साक्षात्कार, विश्लेषण और आंकड़ों के जरिए यह बताया गया है कि कैसे आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में सरकारी सेवाओं में सुधार किया है।

विमोचन समारोह में कौन-कौन होंगे मौजूद?

किताब के विमोचन समारोह में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, और किताब के लेखक जैस्मीन शाह खुद मौजूद रहेंगे। यह आयोजन पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, क्योंकि यहां पार्टी अपने गवर्नेंस मॉडल की उपलब्धियों को न केवल पंजाब, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर जनता के सामने रखेगी।

किताब के पाठक

यह किताब खासतौर पर उन पाठकों के लिए मानी जा रही है जो भारत के राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों में रुचि रखते हैं। खासकर वे लोग जो दिल्ली के सुधारों और उनके देशभर में लागू होने की संभावना को समझने में दिलचस्पी रखते हैं, उनके लिए यह किताब एक महत्वपूर्ण स्रोत साबित हो सकती है।


किताब का विमोचन समारोह न केवल आम आदमी पार्टी के लिए एक अहम मंच होगा, बल्कि यह राजनीतिक विश्लेषकों, शिक्षाविदों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी एक बड़ा आयोजन साबित होगा।

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