कौन फैलाना चाहता था दहशत, क्या था मकसद, इंटरपोल से लेकर CBI तक, सबसे मदद लेगी दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 150 से ज्यादा स्कूलों में बम की झूठी सूचना वाली ई-मेल पुलिस हो गई है. गुरुवार को पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को लेटर लिखा. यह पत्र इंटरपोल से घमकी वाले ई-मेल के बारे में जानकारी हासिल करना है.

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सीबीआई को भारत का राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो भी कहा जाता है और यह इंटरपोल की मदद से देश में टेररिस्टों और मस्ट वांटेड अपराधियों को पकड़ा जाता है. उन्होंने बताया कि सीबीआई दिल्ली पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी इंटरपोल को भेज सकती है और फिर इंटरपोल इसे सभी सदस्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजेगा.

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दिल्ली पुलिस ई-मेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए आईपी एड्रेस के अलावा ई-मेल के भेजने वाले और सोर्स की भी जांच कर रही है ताकि इस झूठी धमकी देने के पीछे की साजिश और मकसद का पता लगाया जा सके. इस कारण बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में दहशत फैल गई थी. ई-मेल कथित रूप से मेल.आरयू (mail.rq) सर्वर से भेजा गया था जिसमें दावा किया गया था कि स्कूल परिसरों में विस्फोटक रखे गए हैं जिसके बाद विद्यालयों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई. वहीं दहशत में आए अभिभावक अपने बच्चों को लेने के विद्यालय पहुंचने लगे.

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तलाशी के दौरान कुछ नहीं मिला और इस धमकी को बाद में फर्जी करार दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच से यह संदेह पैदा हुआ है कि लोकसभा चुनाव के दौरान किसी आतंकवादी समूह द्वारा कोई गहरी साजिश रची गई है. उन्होंने बताया कि धमकी भरा ई-मेल आईएसआईएस मॉड्यूल द्वारा भेजा गया हो सकता है.

एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने साजिश और धमकी जैसे आरोपों में प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है और जांच के लिए एक टीम गठित की है. (भाषा इनपुट)

Tags: Bomb Blast, CBI, Delhi police, Delhi School, Interpol

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