चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर आई.एल.एस. कैट-2 का अपग्रेड, सर्दियों में फ्लाइट्स समय पर उड़ान भरेंगी

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर आई.एल.एस. कैट-2 का अपग्रेड, सर्दियों में फ्लाइट्स समय पर उड़ान भरेंगी

अब विंटर सीजन में नहीं लेट होंगी फ्लाइट्स। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 20 सितंबर – सर्दियों के मौसम में धुंध और कोहरे की वजह से अक्सर प्रभावित होने वाली उड़ानों को लेकर अच्छी खबर आई है। शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आई.एल.एस.) कैट-2 के अपग्रेड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस अपग्रेड के बाद फ्लाइट्स कम विजिबिलिटी में भी सुरक्षित और समय पर लैंड कर सकेंगी।

कोरिया से मंगाए गए उपकरण, 4 से 5 माह में पूरा होगा काम
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अपग्रेड के लिए कोरिया से अत्याधुनिक यंत्र मंगवाए हैं। चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सीईओ अजय वर्मा ने बताया कि अगले 4 से 5 माह के भीतर इस सिस्टम का इंस्टॉलेशन पूरा हो जाएगा।

वर्तमान सिस्टम और नए सिस्टम में अंतर
फिलहाल रनवे पर लगा कैट-2 आई.एल.एस. 1200 फीट से कम विजिबिलिटी पर लैंडिंग की अनुमति नहीं देता है। अपग्रेड के बाद नया सिस्टम रनवे-11 पर लगाया जाएगा, जो 750 फीट विजिबिलिटी में भी फ्लाइट्स को सुरक्षित लैंड करने में मदद करेगा।

सर्दियों में उड़ानों की रुकावटों पर लगेगा ब्रेक
दिसंबर और जनवरी में जब विजिबिलिटी 1000 फीट से भी कम हो जाती है, तब अक्सर उड़ानें रद्द हो जाती हैं या देरी से उड़ान भरती हैं। इससे एयरलाइंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस अपग्रेड पर करीब 2 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

इस नए आई.एल.एस. सिस्टम के लगने से न सिर्फ यात्रियों को सुविधाजनक सफर मिलेगा, बल्कि एयरलाइंस और एयरपोर्ट की भी आर्थिक हानि कम होगी।

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