चंडीगढ़ नगर निगम की 352वीं जनरल हाउस बैठक बनी विवादों का केंद्र, विपक्षी पार्षदों ने सीबीआई को शिकायत भेजी
चंडीगढ़: 26 अगस्त को हुई चंडीगढ़ नगर निगम की 352वीं जनरल हाउस बैठक विवादों में घिर गई है। सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता समेत कुछ अन्य पार्षदों ने संयुक्त रूप से सीबीआई को पत्र लिखकर शिकायत की है कि बैठक में विपक्षी पार्षदों को शामिल किए बिना अवैध तरीके से महत्वपूर्ण एजेंडा पारित कर लिया गया।
सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह ‘बंटी’ पर आरोप है कि उन्होंने देवेंद्र बबला और अन्य लोगों को गुमराह कर मनीमाजरा पॉकेट नंबर-6 की भूमि की नीलामी तथा व्यू रोड्स को प्रशासन को सौंपने संबंधी एजेंडा बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया। विपक्षी पार्षदों ने बैठक में इस मुद्दे पर मतदान की मांग की, लेकिन यह मांग ठुकरा दी गई।
सूत्रों के अनुसार, महापौर के आदेश पर मार्शलों की मदद से विपक्षी पार्षदों को जबरन बैठक से बाहर निकाल दिया गया। रिकॉर्ड के मुताबिक, उस वक्त सदन में विपक्ष के 15 और सत्ता पक्ष के केवल 13 पार्षद मौजूद थे। यदि मतदान होता तो प्रस्ताव गिर सकता था, इसलिए विपक्ष को बैठक से बाहर करके एजेंडा पास करवा दिया गया।
विपक्षी पार्षद इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए मामले की जांच के लिए सीबीआई हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने चंडीगढ़ नगर निगम के भीतर बढ़ते राजनीतिक तनाव को फिर से उजागर कर दिया है।