चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों के बीच हिंसक झड़प, सुरक्षा पर सवाल

चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों के बीच हिंसक झड़प, सुरक्षा पर सवाल

पंजाब यूनिवर्सिटी में 2 गुट आपस में लड़ते हुए। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र आदित्य ठाकुर की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को यूनिवर्सिटी के बॉयज हॉस्टल नंबर-4 में 2 छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह घटना तब घटी जब रात करीब 3 बजे जॉइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) के खिलाफ पर्चे बांटे गए, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद के बाद यह मारपीट में बदल गया, और कई छात्रों को चोटें आईं।

घटना का विवरण
पर्चे बांटने की घटना के बाद, शाम करीब 4 बजे स्टूडेंट सेंटर के पास दोनों छात्र गुट आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई और फिर देखते ही देखते मामला हाथापाई में बदल गया। गुस्साए छात्रों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाए, जिससे जसकरण भैनी समेत कई छात्र घायल हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जेएसी का आरोप
जेएसी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने और छात्रों के बीच फूट डालने की साजिश है। उन्होंने कहा कि वे संविधान के दायरे में रहकर न्याय की मांग कर रहे हैं और किसी भी झूठे प्रचार से डरने वाले नहीं हैं। जेएसी ने यह भी कहा कि कुछ छात्र परिषद के सदस्य प्रशासन के प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि उनका काम छात्रों के हित में बोलना था।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जेएसी ने यह भी आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी की सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम नहीं उठाए गए हैं, खासकर आदित्य ठाकुर की हत्या के बाद। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

सुरक्षा अधिकारी और डीएसडब्ल्यू के इस्तीफे की मांग
आदित्य ठाकुर की हत्या के बाद छात्रों ने वीसी ऑफिस और स्टूडेंट सेंटर पर धरना शुरू कर दिया था। छात्रों ने डीएसडब्ल्यू और सुरक्षा अधिकारियों के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को फिर से गेट नंबर-2 बंद कर दिया और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की।

समस्या की जड़
यह घटनाएं और छात्र संघर्ष उस बढ़ते असंतोष को दर्शाते हैं, जो विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति छात्रों में हो सकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति को कैसे संभालता है और क्या सुरक्षा को लेकर किसी ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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