चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ोतरी पर घमासान, मेयर और पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी
चंडीगढ़, 16 अप्रैल 2025: चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स की बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां कांग्रेस सड़कों पर उतरकर लगातार विरोध कर रही है, वहीं अब नगर निगम के भीतर भी भारी असंतोष पनप गया है। मेयर हरप्रीत कौर बबला समेत सभी पार्षदों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर टैक्स वृद्धि को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो वे सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।
भाजपा कार्यालय ‘कमलम्’ में हुई आपात बैठक इस मुद्दे पर मंगलवार को सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय ‘कमलम्’ में एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष जतिंदरपाल मल्होत्रा ने की। बैठक में फैसला लिया गया कि एक पार्टी प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा और उन्हें चंडीगढ़ की जनता की नाराजगी से अवगत कराएगा।
“खर्च घटाएं, जनता पर बोझ न डालें” – मेयर बबला मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि टैक्स बढ़ोतरी पूरी तरह से जनविरोधी फैसला है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की वित्तीय मदद बंद कर दी गई है और बिना मंजूरी के टैक्स बढ़ा दिए गए, जबकि हाउस मीटिंग में इस एजेंडे को रिजेक्ट कर दिया गया था।
उनका कहना है, “न निगम में कोई नया विकास कार्य हो रहा है और न ही जनता को कोई सुविधा दी जा रही है, लेकिन राजस्व वसूली के नाम पर टैक्स बढ़ाया जा रहा है। ये जनता के साथ अन्याय है।”
प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप बैठक में पार्षदों ने प्रशासन पर मनमानी करने और नगर निगम के कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि अगर यही रवैया जारी रहा तो निगम का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।
कांग्रेस का भी तीखा विरोध इस पूरे मसले को लेकर कांग्रेस पहले से ही प्रदर्शन कर रही है और अब भाजपा शासित निगम के भीतर से ही आवाजें उठने लगी हैं। इससे साफ है कि यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक तूल पकड़ चुका है।