तनुज पाण्डे/ नैनीताल: उत्तराखंड के लगभग सभी जिलों में इन दिनों फायर सीजन देखने को मिल रहा है. नैनीताल जिले के जंगल भी कुछ हद तक धधक रहे हैं. लेकिन, वन विभाग व जिला प्रशासन आग बुझाने की हर संभव कोशिश कर रहा है. इसमें उन्हें कामयाबी भी मिल रही है. वहीं, इस बीच नैनीताल में आग की खबरें भी सुर्खियों में हैं जिससे सैलानी यहां आने से डर रहे हैं. वे लोग होटल बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं. अभी तक 40 परसेंट बुकिंग रद्द हो चुकी है. इससे होटल व अन्य कारोबारी भी परेशान हैं. होटल एसोसिएशन का कहना है कि नैनीताल जंगलों की आग से पूरी तरह सेफ है. पर्यटक यहां बिना किसी डर के आएं. वे यहां उनके स्वागत के लिए तैयार हैं.
होटल एसोसिएशन के महासचिव वेद शाह ने लोकल 18 से खास बातचीत के दौरान बताया कि बीते साल अप्रैल माह की 15 तारीख तक शहर के छोटे और बड़े होटलों में ऑनलाइन बुकिंग लगातार होती थी. पर्यटन कारोबार बेहतर था. लेकिन, इस बार उत्तराखंड के जंगलों में लग रही आग की घटनाओं के बाद पर्यटकों में डर का माहौल है. सोशल मीडिया द्वारा पूरे देश में नैनीताल के जंगलों में लगी आग की खबर को प्रसारित किया गया. हालांकि, आग नैनीताल शहर में नहीं आस पास के जंगलों में लगी थी. इसपर समय रहते काबू पा लिया गया था. लेकिन, इसके बाद भी सैलानियों ने बुकिंग कैंसिल करवाई है. उन्होंने बताया कि आग लगने की घटनाओं के बाद नैनीताल शहर से करीब लगभग 2000 पर्यटकों ने अपनी बुकिंग कैंसिल कराई है.
प्रशासन को आना चाहिए आगे
वेद शाह बताते हैं कि पहले लोकसभा चुनाव और उसके बाद जंगलों की आग का असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ा है. इस वजह से पर्यटन के जुड़े कारोबार में गिरावट आई है. सोशल मीडिया द्वारा गलत ढंग से नैनीताल के जंगलों की आग की सूचना को प्रसारित किया गया है. ऐसे में रोजाना कई पर्यटकों के फोन भी आ रहे हैं. लोगों के मन में भय है कि आग नैनीताल शहर में लगी है. जबकि, ऐसा कुछ नहीं है. उन्होंने बताया की ऐसे समय में प्रशासन को सामने आकर मीडिया के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाना चाहिए कि नैनीताल आना एकदम सुरक्षित है. जंगलों की आग को बुझा लिया गया है. कुछ इस तरह के कदम उठाकर नैनीताल के गिरते पर्यटन स्टार को पटरी पर लाया जा सकता है.
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FIRST PUBLISHED : May 2, 2024, 12:36 IST










