जल संकट पर सुरजेवाला का हमला: मोदी सरकार और पंजाब सरकार की ‘सांठगांठ’ से हरियाणा जलविहीन – BBMB और बिजली मंत्रालय को ठहराया जिम्मेदार

चंडीगढ़, 30 अप्रैल 2025 – हरियाणा में बढ़ते जल संकट को लेकर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार, पंजाब सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाखड़ा डैम से पानी की आपूर्ति में कटौती कर हरियाणा को जानबूझकर जल संकट में धकेला गया है। सुरजेवाला के अनुसार, 01 नवंबर 1966 के बाद यह हरियाणा का सबसे भीषण जल संकट है।
उन्होंने कहा कि भाखड़ा डैम से हरियाणा को मिलने वाला पानी 8,500 क्यूसेक से घटाकर 4,000 क्यूसेक कर दिया गया है, जिससे राज्य के कई जिले गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, हिसार और फतेहाबाद जैसे जिलों में हालात इतने खराब हो गए हैं कि टैंकर माफिया सक्रिय हो चुका है और लोग ₹1,000 प्रति टैंकर तक भुगतान कर रहे हैं।
सुरजेवाला का आरोप:
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BBMB पर मोदी सरकार का नियंत्रण होने के बावजूद बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर और सिंचाई मंत्री सी. आर. पाटिल हरियाणा की मांगों को अनदेखा कर रहे हैं।
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हरियाणा के अधिकारी बीबीएमबी में मौजूद नहीं हैं – न मेंबर (इरीगेशन), न ही सचिव को एक्सटेंशन मिला।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हरियाणा के हिस्से का पानी रोककर असंवैधानिक और अराजक रवैया अपना रहे हैं।
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पंजाब की सरकार जिद और दादागिरी पर उतर आई है, जबकि नायब सैनी निष्क्रिय और नाकाम साबित हो रहे हैं।
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वर्ष 2022 में बीबीएमबी के रूल्स में संशोधन कर केंद्र सरकार ने हरियाणा के अधिकार छीने, जिससे राज्य को अब बोर्ड में न निर्णय लेने का अधिकार है न प्रभाव।
तकनीकी तथ्य:
सुरजेवाला ने स्पष्ट किया कि भाखड़ा डैम में इस समय 1,556 फीट पानी है, जबकि न्यूनतम स्तर 1,506 फीट तय है। यानी हरियाणा को 8,500 क्यूसेक प्रतिदिन देने पर भी 21 मई तक डैम 1532 फीट पर ही रहेगा, जो सुरक्षित स्तर से ऊपर है।
उन्होंने कहा कि पंजाब को केवल अपने हिस्से का पानी लेने का अधिकार है, पर वह हरियाणा तक पानी जाने से रोक नहीं सकता। नंगल हाईडल चैनल बीबीएमबी के अधीन है और बीएमएल चैनल से पानी हरियाणा तक पहुंचता है। यदि पंजाब इस पर रोक लगाता है तो यह कानून और संविधान दोनों का उल्लंघन है।
मांगें:
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 24 घंटों में पंजाब-हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक बुलाएं।
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बिजली और सिंचाई मंत्री भी शामिल हों।
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मोदी सरकार आर्टिकल 257 के तहत निर्देश जारी करे, ताकि हरियाणा को पानी मिले और पंजाब बाधा न डाले।










