“टर्बन टॉरनेडो” फौजा सिंह का 114 साल की उम्र में निधन, सैर के दौरान सड़क हादसे में घायल हुए

जालंधर, 15 जुलाई 2025 — दुनिया के सबसे उम्रदराज एथलीट और “टर्बन टॉरनेडो” के नाम से मशहूर फौजा सिंह का सोमवार रात 114 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जालंधर में सैर के दौरान उन्हें एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। उन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
दुनिया के लिए एक प्रेरणा
फौजा सिंह ने 80 साल की उम्र में दौड़ना शुरू किया था, और तब से वह फिटनेस और साहस की मिसाल बन गए। वह 2012 लंदन ओलंपिक में मशालवाहक रहे थे। उम्र को मात देने वाले इस एथलीट के निधन पर देश और दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
“फौजा सिंह जी एक असाधारण व्यक्तित्व थे, जिन्होंने फिटनेस जैसे बेहद महत्वपूर्ण विषय पर भारत के युवाओं को प्रेरित किया। उनकी जीवनशैली और संकल्पशक्ति हर किसी के लिए मिसाल है।”
घटना का विवरण
फौजा सिंह के छोटे बेटे हरबिंदर सिंह के मुताबिक, सोमवार को दोपहर तीन बजे के करीब उन्होंने भोजन किया और रोज़ की तरह सैर के लिए निकले। हाईवे पर पहुंचने के बाद एक अनजानी कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उन्हें सिर, छाती और पसलियों में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने बेटे धरमिंदर सिंह की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
विदेशी नागरिकता, मगर दिल भारत में
फौजा सिंह के पास इंग्लैंड की नागरिकता थी, लेकिन कोरोना महामारी के बाद उन्होंने विदेश जाना लगभग बंद कर दिया था और वह अपने बेटे और बहू के साथ जालंधर के ब्यास पिंड में रह रहे थे। उनके अन्य बेटे-बेटी यूके और कनाडा में रहते हैं, जो अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे हैं।
अंतिम संस्कार आज
फौजा सिंह का अंतिम संस्कार आज दोपहर उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। पंजाब के खेल और युवा मामलों के विभाग की ओर से भी उनके सम्मान में श्रद्धांजलि दी जाएगी।
फौजा सिंह की प्रेरणादायक उपलब्धियाँ
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100+ की उम्र में कई अंतरराष्ट्रीय मैराथन में भाग लिया
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2012 ओलंपिक में मशालवाहक रहे
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उम्रदराज एथलीट के रूप में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए
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युवाओं को जीवनभर फिट रहने की प्रेरणा दी










