दिलजीत दोसांझ की ‘सरदार जी 3’ पर विवाद गहराया, बब्बू मान आए समर्थन में – भारत में रिलीज रोकी, पाकिस्तान में बॉक्स ऑफिस पर धमाका

चंडीगढ़/मुंबई: अभिनेता-सिंगर दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित फिल्म सरदार जी 3 पर उठा विवाद अब राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस में तब्दील हो गया है। पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर को फिल्म में कास्ट किए जाने के बाद भारत में इसका विरोध शुरू हो गया, लेकिन अब दिलजीत के समर्थन में भी कई दिग्गज सामने आ रहे हैं।
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सुपरस्टार बब्बू मान ने दिलजीत के पक्ष में खुलकर बयान दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कहा:
“पंजाब, पंजाबियत जिंदाबाद… किसी कलाकार को भविष्य में काम न करने देना एक तानाशाही आदेश है। जहां बात पंजाब और पंजाबियत की होती है, वहां दिलजीत और व्हाइट-हिल को मैं बिना शर्त समर्थन देता हूं।”
बब्बू मान ने यह भी कहा कि कलाकारों के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन फिल्मों का सेंसर पंजाब में ही होना चाहिए, ताकि सांस्कृतिक भावनाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
विवाद की जड़ क्या है?
फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर की मौजूदगी उस वक्त विवाद का कारण बनी, जब अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत–पाक संबंधों में तनाव गहरा गया।
इसके बाद, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने इम्प्लॉइज (FWICE) ने फिल्म को “देश विरोधी” करार देते हुए भारत में रिलीज न करने का दबाव बनाया। साथ ही FWICE ने दिलजीत को अपकमिंग फिल्म ‘बॉर्डर 2’ से बाहर करने की भी मांग की।
भारत में रिलीज रोकी, विदेशों में धमाकेदार शुरुआत
विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के निर्माता गुनबीर सिंह सिद्धू और दिलजीत दोसांझ ने भारत में फिल्म रिलीज न करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने देश और जनता की भावनाओं को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया है।
हालांकि, फिल्म को 27 जून 2025 को कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और अन्य देशों में रिलीज किया गया, जहां इसे शानदार रिस्पॉन्स मिला।
विशेष रूप से पाकिस्तान में फिल्म ने दो दिनों में ही 11 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर डाली। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी दर्शकों ने दिलजीत और हानिया की जोड़ी को खूब सराहा।
दिलजीत का स्पष्टीकरण: शूटिंग ऑपरेशन सिंदूर से पहले की गई
दिलजीत दोसांझ ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि:
“फिल्म की शूटिंग फरवरी 2025 में पूरी हो चुकी थी, जब भारत-पाक के बीच कोई विशेष तनाव नहीं था। यह एक कलात्मक परियोजना थी, न कि राजनीतिक बयान।”










