नशा और आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें बढ़ीं, अब NCB करेगी पूछताछ की तैयारी

नशा और आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें बढ़ीं, अब NCB करेगी पूछताछ की तैयारी

आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया से अब एनसीबी भी पूछताछ की तैयारी में है। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़: पंजाब में नशे से जुड़े बहुचर्चित मामले में सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब इस केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी सक्रिय हो गई है और मजीठिया से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इसके लिए एनसीबी ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया है, क्योंकि यह केस NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

इस समय राज्य की कई जांच एजेंसियां इस केस पर नजर बनाए हुए हैं। मजीठिया पहले ही आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन अब NDPS के एंगल से भी जांच तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

सोशल मीडिया पर मजीठिया की लीगल टीम का ओपन चैलेंज

इसी बीच, बिक्रम सिंह मजीठिया के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से एक पोस्ट जारी की गई है, जिसमें उनके वकील धर्मवीर सिंह सोबती के हवाले से सरकार और जांच एजेंसियों को खुला चैलेंज दिया गया है। पोस्ट में कहा गया:

“मेरा ओपन चैलेंज डीजीपी पंजाब, विजिलेंस चीफ और एडवोकेट जनरल को – अगर हिम्मत है तो NDPS एक्ट की कोई भी धारा लगा कर दिखाओ।”

इस पोस्ट में दो वीडियो भी साझा किए गए हैं – एक मजीठिया की गिरफ्तारी का और दूसरा उनके वकील का एक इंटरव्यू, जिसमें वह सरकार पर “मीडिया ट्रायल” चलाने का आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।

“प्रचार है, न्याय नहीं” – एडवोकेट सोबती

वकील का कहना है कि सरकार सिर्फ प्रचार कर रही है, जबकि तथ्यात्मक और कानूनी रूप से कुछ भी ठोस नहीं है। उन्होंने कहा:

“कोर्ट में बहस नहीं होती, सिर्फ मीडिया में आरोप लगाए जाते हैं। अगर 29 मोबाइल की बात करते हैं तो सबूत कहां हैं? चालान कहां है?”

उन्होंने आगे कहा कि यह केस न केवल मजीठिया का, बल्कि पंजाब की न्याय व्यवस्था का भी टेस्ट केस बन गया है।

राजनीतिक हलकों में हलचल

इस केस को लेकर पंजाब की राजनीति में भी जबरदस्त हलचल है। आम आदमी पार्टी की सरकार इस केस को “नशे के खिलाफ युद्ध” का हिस्सा बता रही है, जबकि अकाली दल इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रहा है।

अब देखना होगा कि एनसीबी की जांच से मजीठिया के खिलाफ मामले में कोई नया मोड़ आता है या यह राजनीतिक बयानबाज़ी तक ही सीमित रहता है।

Leave a Comment

और पढ़ें