पंचकूला जिले के इंदिरा कॉलोनी में चिकित्सा विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें झोलाछाप डॉक्टरों की गैर-जिम्मेदाराना हरकत से कई मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। घटना में 2 साल के एक बच्चे समेत कई बच्चों को एक्सपायरी दवा दी गई, जिसके सेवन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई।
परिजनों के मुताबिक, बच्चों को दी गई दवा एक्सपायरी थी, और दवा के सेवन के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। घबराए परिजनों ने तुरंत बच्चों को पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इलाज शुरू किया। समय पर उपचार मिलने से बच्चों की जान बच गई।
घटना के बाद परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है और इसके लिए जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस घटना ने चिकित्सा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियों पर निगरानी की कमी और उनकी अवैध प्रैक्टिस पर सख्त कार्रवाई न होने से जनता की सुरक्षा खतरे में है। फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एक्सपायरी दवा पिलाने वाले डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।