पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: पुराने कांस्टेबलों को B-1 प्रमोशन टेस्ट से नहीं मिलेगी छूट
चंडीगढ़, 2 जुलाई 2025 — पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस में तैनात 249 कांस्टेबलों की याचिका खारिज कर दी है। ये कांस्टेबल 2007-08 में भर्ती हुए थे और B-1 प्रमोशन टेस्ट में शामिल होने से छूट देने की मांग कर रहे थे, क्योंकि उनके पास पहले से ही काफी अनुभव था।
कांस्टेबलों की अपील और कोर्ट का निर्णय
कांस्टेबलों ने पहले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अपील पहले ही खारिज कर दी गई थी। इसके बाद, उन्होंने हाईकोर्ट से B-1 प्रमोशन टेस्ट पर रोक लगाने या फिर 30 अगस्त 2024 के स्टेटस-को आदेश को स्पष्ट करने की अपील की थी।
लेकिन, मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति सुमीत गोयल की बेंच ने कहा कि CAT एक वैधानिक संस्था है और जब तक उसके फैसले में कोई कानूनी खामी न हो, तब तक हाईकोर्ट उस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
फैसला और इसके परिणाम
इस फैसले के बाद, अब इन कांस्टेबलों को नए भर्ती कर्मचारियों के साथ B-1 प्रमोशन टेस्ट में शामिल होना होगा। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ यह कारण कि याचिकाकर्ता पुराने कर्मचारी हैं, यह उन्हें प्रमोशन टेस्ट से छूट देने का आधार नहीं हो सकता।
न्यायमूर्ति गोयल ने कहा, “यह जरूरी नहीं कि हर याचिका पर हाईकोर्ट दखल दे। जब ट्रिब्यूनल ने कानून के अनुसार फैसला दिया है, तो हाईकोर्ट उसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।”
आगे की प्रक्रिया
इस मामले में, ट्रिब्यूनल में पहले से ही दो केस लंबित हैं, और इन पर जल्द ही अंतिम फैसला आने की संभावना है। हाईकोर्ट ने इन लंबित मामलों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ट्रिब्यूनल का निर्णय अंतिम माना जाएगा।
इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि वृद्ध अनुभव के बावजूद किसी को प्रमोशन टेस्ट से छूट नहीं दी जा सकती, और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही सभी कर्मचारियों को समान रूप से अवसर मिलना चाहिए।