पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में कर्मचारी के निलंबन को लेकर हंगामा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन में 18 गिरफ्तार
लुधियाना | 22 अप्रैल 2025 पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में मंगलवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब कर्मचारी संगठनों ने एक कर्मचारी के निलंबन के खिलाफ वाइस चांसलर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब 18 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
क्या है मामला?
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला एक कर्मचारी और आम आदमी पार्टी (AAP) के एक वरिष्ठ नेता के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। विवाद के बाद AAP नेता ने विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर से शिकायत की, जिसके परिणामस्वरूप संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया।
इस निर्णय के विरोध में मंगलवार को विश्वविद्यालय के कई कर्मचारी संगठन प्रदर्शन के लिए एकजुट हुए। उन्होंने वाइस चांसलर के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया।
कर्मचारियों का आरोप – लोकतंत्र का हो रहा हनन
प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने आए थे। यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण था। लेकिन पुलिस ने जबरन हमें घसीटकर ले जाना शुरू कर दिया। हम केवल अपनी आवाज उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते थे।”
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह आवाज उठाने के अधिकार को भी छीन रही है। “हमसे हमारा हक छीना जा रहा है। सरकार तानाशाही पर उतर आई है,” प्रदर्शनकारियों ने कहा।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हालांकि प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को देर शाम तक रिहा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक हलचल
यह मामला अब सिर्फ विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहा। एक राजनीतिक दल के वरिष्ठ नेता का नाम जुड़ने से यह मुद्दा राजनीतिक रंग भी पकड़ता जा रहा है। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि निलंबन को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
इस घटनाक्रम ने पंजाब में प्रशासनिक पारदर्शिता, कर्मचारियों के अधिकारों और राजनीतिक दखल के मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।