पंजाब के माझा इलाके में बाढ़ राहत में भी लूट: भूखे-प्यासे पीड़ित, मदद रास्ते में ही लुट रही
अजनाला/अमृतसर, 20 सितंबर – एक तरफ पंजाब का माझा क्षेत्र विनाशकारी बाढ़ की चपेट में है, हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं, बच्चे भूख से बिलख रहे हैं, और बीमारी ने दस्तक दे दी है – वहीं दूसरी तरफ इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं।
राहत सामग्री बन गई लूट का शिकार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की धर्म प्रचार कमेटी पंजाब के चेयरमैन मनजीत सिंह भौमा ने खुद अपनी आंखों से जो कुछ देखा और कैमरे में कैद किया, वो बेहद दर्दनाक और शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि अजनाला-रमदास रोड पर दिनदहाड़े राहत सामग्री की गाड़ियां लूट ली जाती हैं। दानवीरों द्वारा भेजी गई सामग्री को असामाजिक तत्व खुलेआम छीन रहे हैं। गाड़ियां रोककर राशन की बोरियां और अन्य जरूरी सामान लूट लिया जाता है।
बदनाम हो रही जनता, असली पीड़ित अब भी इंतज़ार में भौमा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। लुटेरों की करतूतों का ठीकरा सीधे बाढ़ पीड़ितों के सिर फोड़ा जा रहा है, जबकि असली पीड़ित – जो सच में भूखे-प्यासे हैं और छत से वंचित हैं – राहत की बाट जोह रहे हैं। महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग खुले आसमान के नीचे बेसहारा पड़े हैं।
प्रशासन की बेरुखी पर उठे सवाल सबसे चिंता की बात यह है कि अब तक प्रशासन की ओर से लुटेरों के खिलाफ कोई सख़्त कार्रवाई नहीं की गई है। न ही पुलिस ने कोई बड़े स्तर पर रोकथाम की योजना बनाई है। भौमा का कहना है कि यदि इसी तरह राहत सामग्री रास्ते में ही लूट ली जाती रही, तो मदद असली जरूरतमंदों तक कभी नहीं पहुंचेगी।
मानवता की पुकार, शासन से न्याय की मांग भौमा और कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना को मानवता पर हमला करार दिया है और प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से राहत सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और लूटपाट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
हकीकत की तस्वीरें झकझोरने वाली मनजीत सिंह भौमा द्वारा साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में भूखे बच्चे, रोती महिलाएं और खाली हाथ बेसहारा लोग दिखाई दे रहे हैं। जिन हाथों तक रोटियां और राहत पहुंचनी चाहिए थी, वो हाथ अब भी खाली हैं – जबकि कहीं और लूट की होड़ मची है।
यह घटनाएं न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती हैं कि क्या आपदा को भी कुछ लोग सिर्फ मुनाफे और लूट का मौका बना चुके हैं? जनता को अब जवाब चाहिए, और पीड़ितों को न्याय।