पंजाब कैबिनेट मीटिंग आज, लैंड पूलिंग स्कीम पर रहेगा मुख्य फोकस — किसानों को राहत देने की तैयारी

पंजाब कैबिनेट मीटिंग आज, लैंड पूलिंग स्कीम पर रहेगा मुख्य फोकस — किसानों को राहत देने की तैयारी

पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग आज। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 22 जुलाई: पंजाब सरकार की अहम कैबिनेट मीटिंग आज सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री भगवंत मान की चंडीगढ़ स्थित सरकारी रिहायश पर आयोजित की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में लैंड पूलिंग स्कीम पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। सरकार इस योजना को लेकर किसानों की चिंताओं को दूर करने और उन्हें राहत देने के लिए कई अहम फैसले ले सकती है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, जिसमें वे स्कीम से जुड़ी नई घोषणाएं कर सकते हैं।


लैंड पूलिंग स्कीम: क्या है नया?

सरकार द्वारा पहले ही यह ऐलान किया गया है कि किसानों की सहमति मिलने के 21 दिनों के भीतर उन्हें “लेटर ऑफ इंटेंट” (LOI) जारी किया जाएगा। साथ ही, जब तक विकास कार्य शुरू नहीं होते, किसानों को ₹50,000 प्रति एकड़ सालाना एडवांस भुगतान दिया जाएगा।

हाल ही में सीएम भगवंत मान ने धूरी में एक कार्यक्रम के दौरान संकेत दिए थे कि इस राशि को बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, किसानों को जमीन पर खेती जारी रखने और उससे होने वाला लाभ खुद रखने की भी छूट दी गई है।


सरकार ने लिया फीडबैक, विरोधी पार्टियां हमलावर

पंजाब सरकार इस स्कीम को लेकर व्यापक फीडबैक ले चुकी है। चंडीगढ़ में पंचायत प्रतिनिधियों — सरपंचों और पंचों — से बात की गई है, और उनकी राय के आधार पर स्कीम में कुछ संशोधन भी किए गए हैं।

हालांकि, इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और अकाली दल सरकार पर हमलावर हैं। दोनों पार्टियों ने हाल के दिनों में बड़ी रैलियां की हैं और स्कीम को किसान विरोधी बताया है।

सरकार अब नहीं चाहती कि विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति करने का मौका मिले। इसी कारण इसे एक संकट प्रबंधन की तरह लिया जा रहा है।


क्या है लैंड पूलिंग स्कीम?

लैंड पूलिंग स्कीम के तहत किसान अपनी जमीन सरकार को विकास कार्यों के लिए देते हैं और बदले में उन्हें विकसित जमीन का एक हिस्सा, मुआवज़ा और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। पंजाब सरकार का उद्देश्य इस स्कीम के ज़रिए नए शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना है।

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