पंजाब बाढ़ राहत में कर्मचारी और आम जनता आगे आए, आबकारी और कर विभाग ने दिए 50 लाख रुपए, अरविंद केजरीवाल ने की सहयोग की अपील

पंजाब बाढ़ राहत में कर्मचारी और आम जनता आगे आए, आबकारी और कर विभाग ने दिए 50 लाख रुपए, अरविंद केजरीवाल ने की सहयोग की अपील

आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने लोगों से बाढ़ पीड़ितों की मदद में सहयोग की अपील की है। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 2 सितंबर — पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच राहत और पुनर्वास के प्रयासों को गति देने के लिए सरकारी विभागों और आम जनता का सहयोग लगातार बढ़ रहा हैआबकारी और कर विभाग के कर्मचारियों ने एक उदाहरणात्मक पहल करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 50 लाख रुपए का योगदान दिया है।

केवल आर्थिक नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी: वित्तमंत्री हरपाल चीमा

वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जानकारी देते हुए कहा कि विभाग के कर्मचारी शुरू से ही राहत कार्यों में सक्रिय हैं और ज़रूरतमंदों तक मदद पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा,

“यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।”

चीमा ने आम जनता से भी अपने सामर्थ्य अनुसार योगदान देने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि “जब पूरा समाज एकजुट होकर सहयोग करेगा, तभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को इस त्रासदी से बाहर निकालना संभव हो पाएगा।”

अरविंद केजरीवाल की देश-विदेश के कार्यकर्ताओं से अपील

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लोगों से पंजाब के बाढ़ प्रभावितों के लिए सहायता भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा:

“पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद कीजिए। आप कहीं से भी मदद भेज सकते हैं। AAP के देश-विदेश के सभी कार्यकर्ताओं से मेरी अपील है कि वे इस भीषण त्रासदी में दिल खोलकर सहयोग करें।”

योगदान बाढ़ पीड़ितों की तात्कालिक ज़रूरतों के लिए

सरकार की ओर से बताया गया है कि यह आर्थिक सहयोग बाढ़ पीड़ितों की तात्कालिक ज़रूरतों और राहत कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार ने बताया सराहनीय और प्रेरणादायक कदम

पंजाब सरकार ने आबकारी और कर विभाग के इस योगदान को एक “सराहनीय और प्रेरणादायक कदम” बताया है, जिससे अन्य सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाएं भी प्रेरित हो सकती हैं।


एकजुट पंजाब की तस्वीर — जब संकट आया, तो कर्मचारियों से लेकर आम आदमी और राजनेता तक सब एक साथ खड़े हुए। यह न केवल राहत का कार्य है, बल्कि पंजाब की सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की परंपरा का सशक्त उदाहरण भी है।

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