पंजाब में अवैध ट्रैवल एजेंटों की बढ़ती संख्या पर केंद्र सरकार की रिपोर्ट का खुलासा, 92 प्रतिशत एजेंट अवैध, कार्रवाई की तैयारी

पंजाब में अवैध ट्रैवल एजेंटों की बढ़ती संख्या पर केंद्र सरकार की रिपोर्ट का खुलासा, 92 प्रतिशत एजेंट अवैध, कार्रवाई की तैयारी

केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पंजाब में केवल 212 ट्रैवल एजेंटों के पास वैध लाइसेंस है, जबकि राज्य के 92 प्रतिशत ट्रैवल एजेंट अवैध रूप से काम कर रहे हैं। यह रिपोर्ट बताती है कि पंजाब के 8 जिलों में इमिग्रेशन दफ्तर के बिना कार्यरत एजेंटों के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन 212 ट्रैवल एजेंटों में से 65 के लाइसेंस की मियाद समाप्त हो चुकी है, और कुछ को केंद्र सरकार ने रद्द भी कर दिया है।

केंद्र सरकार पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और गुजरात में फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रही है, खासकर उन जिलों में जहां एक भी ट्रैवल एजेंट केंद्र के पंजीकरण में नहीं है। इन जिलों में श्री मुक्तसर साहिब, तरन तारन, फरीदकोट, पठानकोट, फिरोजपुर, मलेरकोटला, फाजिल्का और मानसा शामिल हैं, जहां कुल 2730 फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट में जालंधर को राज्य का सबसे बड़ा वैध ट्रैवल एजेंट केंद्र बताया गया है, जहां 86 ट्रैवल एजेंट पंजीकृत हैं, हालांकि इनमें से कुछ के लाइसेंस की मियाद समाप्त हो चुकी है। इसके बाद मोहाली, होशियारपुर और लुधियाना का स्थान है, जहां अधिकतर ट्रैवल एजेंट पंजीकृत हैं। अन्य जिलों में भी पंजीकरण के मामले में अनियमितताएं पाई गई हैं, और केंद्र सरकार इन अवैध एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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