पंजाब में महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर बढ़ा खतरा, कट्टरपंथियों की धमकियों से दहशत, कमल कौर भाभी की हत्या के बाद दो और को मिली जान से मारने की चेतावनी

पंजाब में महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर बढ़ा खतरा, कट्टरपंथियों की धमकियों से दहशत, कमल कौर भाभी की हत्या के बाद दो और को मिली जान से मारने की चेतावनी

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर भाभी, प्रीत जट्‌टी और कुल्हड़ पिज्जा कपल। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 16 जून 2025:
पंजाब में सोशल मीडिया पर एक्टिव महिला इन्फ्लुएंसर्स को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। कमल कौर भाभी (कंचन तिवारी) की हाल ही में हुई निर्मम हत्या के बाद अब दो और महिला इन्फ्लुएंसर्स को कट्टरपंथी तत्वों द्वारा जान से मारने की धमकियां दी गई हैं। इन धमकियों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर उन्होंने “अश्लील कंटेंट” बनाना बंद नहीं किया, तो उनका भी हश्र कमल कौर जैसा ही किया जाएगा।

 इतिहास खुद दोहरा रहा?

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर से लोगों को पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित गायक अमर सिंह चमकीला की याद दिला दी है, जिन्हें 1988 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चमकीला के डबल मीनिंग गानों को जनता खूब पसंद करती थी, मगर कुछ कट्टरपंथियों को उनका अंदाज नागवार गुजरा। पहले उन्हें धमकियां मिलीं और फिर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।

अब वही पैटर्न पंजाब में सोशल मीडिया पर भी नजर आ रहा है।


 लाखों फॉलोअर्स, लेकिन जिंदगी खतरे में

कमल कौर भाभी के लाखों फॉलोअर्स थे। वह रोजाना सोशल मीडिया पर वीडियो और डायलॉग के ज़रिए लोगों का मनोरंजन करती थीं। उनकी कमाई अच्छी थी और वह अपने परिवार का पालन-पोषण खुद करती थीं, लेकिन कट्टरपंथियों को यह मंजूर नहीं था।

अब दो और महिला इन्फ्लुएंसर्स को ऐसी ही धमकियां दी गई हैं। वहीं एक कपल को तो धमकियों और हमलों के चलते भारत छोड़ना पड़ा है। एक रेडियो संपादक पर हमला हो चुका है और दो अन्य को जान से मारने की चेतावनी मिली है।


 क्या है सरकार और पुलिस की भूमिका?

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सोशल मीडिया पर लोगों में रोष और डर दोनों है। कई कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने पंजाब सरकार से इन घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। खासकर गायक मीका सिंह ने भी हाल ही में कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की थी कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।


 सवाल उठते हैं:

  • क्या सोशल मीडिया पर मनोरंजन के नाम पर किसी की जान लेना न्यायसंगत है?

  • क्या पंजाब एक बार फिर उसी दौर की ओर लौट रहा है, जहां अभिव्यक्ति की कीमत जान देकर चुकानी पड़ती थी?

  • क्या महिलाओं की स्वतंत्रता और आजीविका को खुलेआम धमकियां देना अब सामान्य होता जा रहा है?

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