पंजाब में शिक्षा क्रांति: कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा में ₹2.10 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन, छात्राओं को सम्मानित किया

पंजाब में शिक्षा क्रांति: कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा में ₹2.10 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन, छात्राओं को सम्मानित किया

कोटकपूरा के सरकारी स्कूल में उदघाटन करते विधानसभा स्पीकर संधवां। - Dainik Bhaskar

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने फरीदकोट जिले के कोटकपूरा शहर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत डॉ. चंदा सिंह मरवाह सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल और अन्य सरकारी स्कूलों में 2 करोड़ 10 लाख 79 हजार रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने शैक्षिक और खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम की प्रमुख बातें:

  1. उद्घाटन और विकास कार्य: स्पीकर संधवां ने स्कूलों के लिए किए गए विकास कार्यों का उद्घाटन किया, जिनमें शैक्षिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ खेल सुविधाओं का भी समावेश था।

  2. कार्यक्रम में सम्मानित छात्राएं: डॉ. चंदा सिंह मरवाह स्कूल के आयोजन में छात्राओं को उनके शैक्षणिक और खेल प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम छात्राओं की प्रेरणा और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को सराहने का एक प्रयास था।

  3. स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट: इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल प्रभजोत सिंह ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें शैक्षणिक और खेल क्षेत्र में छात्राओं द्वारा प्राप्त राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों का जिक्र किया गया।

  4. पिछली सरकारों से तुलना: स्पीकर संधवां ने राज्य सरकार की शिक्षा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की तारीफ करते हुए बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछली सरकारों के मुकाबले कहीं अधिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में कोटकपूरा शहर के सरकारी स्कूलों के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान खर्च किया गया है।

  5. सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार: स्पीकर संधवां ने यह भी बताया कि अब सरकारी स्कूलों के बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लगे हैं, जिससे पेरेंट्स अपने बच्चों को निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित कर रहे हैं। यह बदलाव सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर में सुधार को दर्शाता है।

  6. राज्य सरकार की नीतियां और पारदर्शिता: उन्होंने राज्य सरकार की पारदर्शिता और निष्पक्षता की सराहना की, यह बताते हुए कि बिना सिफारिश या रिश्वत के 52 हजार नौकरियां दी गई हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की नीतियां युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने में सफल रही हैं और मेरिट के आधार पर चयन हो रहा है।

समापन:

स्पीकर संधवां ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से सरकारी स्कूलों की स्थिति में आमूल-चूल परिवर्तन आया है। उनका कहना था कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए हैं। यह सरकार की ईमानदारी और निष्ठा को साबित करता है।

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