पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल: यात्रियों को भारी परेशानी, निजी परमिट योजना पर घमासान

पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल: यात्रियों को भारी परेशानी, निजी परमिट योजना पर घमासान

पंजाब में किलोमीटर स्कीम वाली बसें व प्राइवेट बसें ही चल रही हैं। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 14 अगस्त 2025 — पंजाब में आज से पीआरटीसी, पनबस और पंजाब रोडवेज की लगभग 3,000 बसें सड़कों से नदारद हैं। राज्य की तीनों प्रमुख सरकारी परिवहन सेवाओं के कर्मचारी संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ा है, जिन्हें अपनी दैनिक आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हड़ताल का एलान तब हुआ जब निजी कंपनियों को ‘किलोमीटर स्कीम’ के तहत बस परमिट जारी करने को लेकर सरकार और यूनियनों के बीच हुई बातचीत विफल रही। यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

सरकार की ओर से अभी तक इस संकट से निपटने के लिए कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, हालांकि परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने यूनियन नेताओं को आज सुबह 11 बजे वार्ता के लिए बुलाया है।

फिलहाल, केवल निजी बसें और किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित वाहन ही सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे रूटों पर बसों की भारी कमी देखी जा रही है। इससे यात्रियों को लंबा इंतजार और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

हड़ताल की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि:

  • निजी कंपनियों को बस परमिट देने की प्रक्रिया तत्काल रद्द की जाए।

  • पहले से लंबित वेतन और सेवाशर्तों से जुड़ी मांगों को पूरा किया जाए।

  • कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को नियमित किया जाए।

पीआरटीसी, पनबस और रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियनों के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार ने आरोप लगाया कि मंत्री भुल्लर कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार लिखित में समाधान नहीं देती, यूनियनें पीछे नहीं हटेंगी।

यात्रियों और आम लोगों को उम्मीद है कि सरकार और यूनियन के बीच बातचीत सफल होगी और जल्द ही बस सेवाएं बहाल होंगी।

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