पंजाब: लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन तेज, सरवन सिंह पंधेर की अगुआई में निकाली गई बाइक रैली

अमृतसर, 11 अगस्त — पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ किसानों का विरोध अब और तेज़ होता जा रहा है। किसान मजदूर संघर्ष समिति (KMSC) के बैनर तले, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर की अगुआई में सोमवार को अमृतसर से अटारी बॉर्डर तक एक बड़ी बाइक रैली निकाली गई। रैली का मकसद उपजाऊ कृषि भूमि को कॉर्पोरेट्स के हाथों में जाने से रोकना और किसान हितों की रक्षा करना था।
क्या है किसानों की आपत्ति?
किसानों का कहना है कि सरकार की यह नीति किसानी को पूरी तरह खत्म कर देगी।
सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि सरकार करीब 40,000 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को निजी कंपनियों के हवाले करने की तैयारी में है। यह वही ज़मीन है जिस पर गेहूं, धान और सब्जियों की उपज होती है।
पंधेर ने चेताया कि अगर यह जमीन कॉर्पोरेट्स को सौंप दी गई, तो यह न केवल किसानों की आजीविका पर चोट होगी, बल्कि भविष्य में खाद्य संकट भी पैदा हो सकता है।
रैली का रूट और संदेश
रैली की शुरुआत जलियांवाला बाग से हुई, जहां किसानों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मार्च गोल्डन गेट, अटारी होते हुए रामतीर्थ मंदिर तक पहुंचा।
इस रैली को किसानों ने “जमीन बचाओ” आंदोलन का हिस्सा बताया और इसे जन आंदोलन का रूप देने की चेतावनी दी।
पिछले विरोध प्रदर्शन
यह पहली बार नहीं है कि किसान लैंड पूलिंग नीति के खिलाफ सड़कों पर उतरे हों।
6 अगस्त को भी लुधियाना के जोधन गांव में इसी नीति के विरोध में बड़ी रैली हुई थी। उस प्रदर्शन को भी “जमीन बचाओ” नाम दिया गया था।
किसान क्या चाहते हैं?
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लैंड पूलिंग एक्ट को वापस लिया जाए।
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सरकार उपजाऊ जमीन को कॉर्पोरेट्स के हवाले करने से बचे।
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जमीन अधिग्रहण के मामलों में किसानों की राय को अहमियत दी जाए।
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कृषि आधारित क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्रों में न बदला जाए।










