पंजाब विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू, कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं ने उठाए मुद्दे
आज पंजाब सरकार का बजट सत्र सुबह 11 बजे से शुरू होने जा रहा है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी दलों के विधायक विधानसभा पहुंचने लगे हैं। सत्र की शुरुआत राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण से होगी, लेकिन इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा, तख्ती लेकर विधानसभा पहुंचे हैं और उन्होंने काली पट्टियां बांध रखी हैं। बाजवा ने कहा कि आज के सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद वे दो मुख्य मुद्दों पर ऐतराज जताएंगे। एक तो, उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान “जय जवान, जय किसान” रही है, लेकिन हाल की घटनाओं से यह चिंता का विषय बन गया है। खासतौर पर 13 मार्च को पटियाला में सेना के कर्नल पीएस बाठ और उनके बेटे पर पुलिस अधिकारियों द्वारा मारपीट करने की घटना को लेकर। बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी सेवारत जज से करवाई जाए।
इसके अलावा, बाजवा ने आरोप लगाया कि किसानों को अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करने के बाद सरकार द्वारा कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि किसानों को धोखा दिया गया है, क्योंकि पहले जब सरकार को जरूरत थी, तब उन्होंने किसानों को धरने के लिए प्रेरित किया था, लेकिन अब उन्हीं किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने पहले कभी किसानों और व्यापारियों की संयुक्त बैठक नहीं बुलाई, और अब व्यापारियों के समर्थन में किसानों को हटाया जा रहा है।
कांग्रेस के सस्पेंड विधायक संदीप जाखड़ ने भी आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर राजनीति हो रही है और किसानों को पैरों पर खड़ा करने के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की कृषि नीति पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हो रही है।
विपक्षी दलों के अलावा, बीजेपी विधायक अश्वनी शर्मा ने भी कर्नल और किसानों के मुद्दे को उठाने का ऐलान किया है। साथ ही, सीएलपी ने यह भी सवाल उठाया कि नशे के मामलों में शामिल पुलिस अधिकारी हुंदल का घर क्यों नहीं गिराया गया, जबकि उसे बर्खास्त किया गया था और फिर देश से भगाया गया था।
सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण के बाद इन मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है, जिससे सत्र हंगामेदार हो सकता है। विधानसभा के सभी सदस्य आज सुबह 10:50 बजे तक पहुंचने की आवश्यकता होगी और राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सत्र की कार्यवाही शुरू होगी।