पंजाब विधानसभा का बजट सत्र शुरू, कांग्रेस का विरोध, किसानों और पटियाला मामले पर तीखी बहस
पंजाब विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हुआ, जिसमें राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत की गई। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपने अभिभाषण में नशे के खिलाफ कार्रवाई और AAP सरकार के 3 साल के कार्यों का ब्योरा दिया। हालांकि, जैसे ही राज्यपाल ने भाषण शुरू किया, विपक्ष ने विरोध करना शुरू कर दिया।
कांग्रेस ने किसान आंदोलन और पटियाला में कर्नल और उनके बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले को लेकर विरोध किया और इसके परिणामस्वरूप कांग्रेस के विधायकों ने वॉकआउट किया। विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने पहले किसानों के आंदोलन में समर्थन किया, लेकिन अब वही किसानों के साथ बुरा बर्ताव हो रहा है।
बाजवा ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान भगवंत मान ने खुद धरने पर बैठकर समर्थन किया था और अरविंद केजरीवाल भी पंजाब आए थे। उन्होंने किसानों की मदद से 92 सीटों का आंकड़ा छुआ था, लेकिन अब वही किसान मारपीट और धरनों के दौरान प्रताड़ित हो रहे हैं। बाजवा ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों ने कभी भी ट्रेनें नहीं रोकीं और रास्ते भी हरियाणा सरकार ने रोके थे।
बाजवा का कहना था कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में विशेष रूप से राज्यसभा की सीट पक्की करने के लिए आए थे, और उन्होंने लोकसभा चुनावों को प्रभावित करने के लिए किसानों को आंदोलन में जुटाया था। उनका यह भी आरोप था कि किसानों पर कार्रवाई व्यापारियों के वोट के लिए की जा रही है।
सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने “जय जवान, जय किसान” के नारे लगाए और विरोध जताने के बाद सदन से बाहर निकल गए। इसके बाद, सत्र को 2.30 बजे तक स्थगित कर दिया गया।