पंजाब सरकार की अमृतपाल सिंह और पपलप्रीत सिंह पर कार्रवाई, NSA अवधि समाप्त होने के बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू

पंजाब सरकार की अमृतपाल सिंह और पपलप्रीत सिंह पर कार्रवाई, NSA अवधि समाप्त होने के बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू

खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह के साथ पपलप्रीत सिंह। - Dainik Bhaskar

असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान समर्थक पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह के सहयोगी पपलप्रीत सिंह पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की अवधि अब समाप्त हो गई है। इस पर पंजाब सरकार ने उनकी NSA की अवधि को बढ़ाने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि पंजाब सरकार अब अमृतपाल सिंह पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

पपलप्रीत सिंह की रिहाई और ट्रांजिट रिमांड: अब पपलप्रीत सिंह को पंजाब लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अजनाला पुलिस की टीम डिब्रूगढ़ जेल से पपलप्रीत सिंह को लेकर पंजाब रवाना हो गई है, जहां उसे ट्रांजिट रिमांड पर लाया जाएगा। पंजाब पुलिस को अब वहां पहुंचकर ट्रांजिट रिमांड लेने की तैयारी करनी होगी, और फिर उसे अजनाला कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

अजनाला हिंसा का संदर्भ: पपलप्रीत सिंह का संबंध 2023 में अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुए हमले से है। यह हमला 15 फरवरी 2023 को हुआ था, जब अमृतपाल और उसके समर्थकों ने पुलिस स्टेशन पर हमला किया था। इस हमले का कारण था जब अमृतपाल और उसके समर्थकों पर एक युवक, बरिंदर सिंह, को अगवा करने और मारपीट करने का आरोप था। इस मामले में पुलिस ने पहले ही कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिससे अमृतपाल भड़क गए थे और उन्होंने अजनाला थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के पास तलवारें और बंदूकें थीं, और उन्होंने श्री गुरुग्रंथ साहिब की पवित्र बीड़ भी लायी थी, जिस कारण पुलिस को पीछे हटना पड़ा था।

अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई: पंजाब सरकार अब अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगी पपलप्रीत सिंह तथा वरिंदर विक्की को पंजाब लाकर अजनाला हिंसा की जांच में शामिल करने की योजना बना सकती है। यह कार्रवाई अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों के खिलाफ बढ़ते दबाव के बीच हो रही है।

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