पंजाब सरकार ने कुख्यात आतंकियों और अपराधियों को दूसरी राज्य की जेलों से लाने के लिए बनाई नई पॉलिसी

पंजाब सरकार ने कुख्यात आतंकियों और अपराधियों को दूसरी राज्य की जेलों से लाने के लिए बनाई नई पॉलिसी

पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अब दूसरे राज्यों की जेलों में बंद कुख्यात आतंकियों और अपराधियों को पंजाब लाने के लिए एक नई पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी के तहत, किसी भी राज्य की जेल में बंद कैदी को पंजाब लाया जा सकेगा और पंजाब से उन राज्यों के अपराधों में शामिल कैदियों को भी भेजा जा सकेगा। यह फैसला आज पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग में लिया गया।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजाब की जेलों में कुल 31 हजार कैदी बंद हैं, जिनमें से 11 हजार कैदी एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) मामलों में शामिल हैं। इसके अलावा, लगभग 200 गैंगस्टर, 75 आतंकी और 160 बड़े तस्कर जेलों में बंद हैं। इस नई पॉलिसी से अब अपराधियों और गैंगस्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।

इसके अलावा, पहले से बंद 46 गैंगस्टरों की सूची तैयार की गई है, जो पंजाब से बचने के लिए दूसरे राज्यों की जेलों में छिपे हुए थे। अब यह पॉलिसी लागू होने के बाद इन पर शिकंजा कसा जा सकेगा।

इसके अलावा, सरकार ने स्कूल कमेटियों में भी बदलाव किया है। अब प्रत्येक स्कूल कमेटी में 16 सदस्य होंगे, जिनमें से 12 सदस्य पेरेंट्स (अभिभावक) होंगे और 4 सदस्य स्कूल से होंगे। इसके साथ ही, एमएलए और एमसी भी इस कमेटी में अपना सदस्य भेज सकेंगे। चेयरमैन का चयन पेरेंट्स में से किया जाएगा, ताकि उन्हें स्कूल की जरूरतों की जानकारी मिल सके।

साथ ही, पंजाब तीर्थ यात्रा समिति और पंजाब सलाहकार एवं सैर-सपाटा बोर्ड के चेयरमैन ने मानभत्ता न लेने का फैसला किया है, जो एक और महत्वपूर्ण निर्णय है।

यह नई पॉलिसी और अन्य फैसले पंजाब में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हैं।

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