पंजाब CM भगवंत मान ने संगरूर में शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर हमला बोला

पंजाब CM भगवंत मान ने संगरूर में शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर हमला बोला

पंजाब सीएम भगवंत मान कैंसर बसों का जायजा लेतेह ुए। - Dainik Bhaskar

संगरूर, 11 अगस्त 2025:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज संगरूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर बादल और कांग्रेस के नेताओं पर जमकर हमला बोला। उन्होंने विशेष रूप से सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा, “सुखबीर बादल कहते हैं कि सड़क पर जहां भी देखोगे, सारा काम बादल साहब ने करवाया है, तो फिर लोगों ने इन्हें वोट क्यों नहीं दिए?”

मुख्यमंत्री मान ने आगे कहा, “बादल साहब कहते हैं कि जहां भी बसें चलती हैं, ढाबे और हवेलियां हैं, सब उन्हीं के काम हैं, तो फिर इनकी सरकार में सरकारी कॉलेज, स्कूल और यूनिवर्सिटी क्यों नहीं बनाईं? कचहरी में रिश्वत खत्म नहीं हुई, और नशे की समस्या को खत्म करने के बजाय, इसे बढ़ावा दिया। यह सब उन्हीं की सरकार में हुआ।”

इसके बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अब भी कुर्सी की जंग चल रही है और इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। मान ने सुखबीर बादल के बारे में कहा कि 2010 से 2017 तक अकाली दल की सरकार थी और उस दौरान सुखबीर बादल को उनके बुजुर्ग नेता (बादल साहब) ने कहा था कि “अपने साले पर कंट्रोल रखो, नहीं तो यह तुझे नुकसान पहुंचा देगा,” लेकिन सुखबीर ने इसे नजरअंदाज किया और अब इसका असर दिख रहा है।

मुख्यमंत्री ने नशे के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा, “2009 में एक हजार लोग नशे के आदी थे, 2017 में यह संख्या 20 लाख हो गई। यह नशा किसने फैलाया? क्या यह बादल साहब की सरकार के दौरान नहीं हुआ?” उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल और कांग्रेस दोनों ही नशे की समस्या को हल करने में नाकाम रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी और सरकार के बारे में कहा कि अगर ये पुराने नेता सही होते तो उन्हें सत्ता में आने की जरूरत नहीं होती। “हम तब आते जब यह अच्छे होते, लेकिन यह स्थिति नहीं थी, इसीलिए हम यहां हैं।”

मुख्यमंत्री मान ने अपनी बातों को और स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं एक अच्छा कलाकार था, एक-डेढ़ घंटे के लिए तीन-चार लाख ले लेता था, लेकिन लोगों ने हमें चुना और हम आ गए।” उन्होंने यह भी कहा कि “हमने साइकिल चलाने के तरीके सीखे हैं और अब हम लोगों के सुख-दुख को समझते हैं। मेरे पास ढाबों पर हिस्सा उगाने का अनुभव नहीं है, लेकिन लोगों के साथ खड़े होने और उनकी समस्याओं को समझने का अनुभव है।”

इस बयान से मुख्यमंत्री ने न सिर्फ अपने विरोधियों को जवाब दिया बल्कि अपनी सरकार के विकास कार्यों और बदलाव की दिशा को भी स्पष्ट किया।

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