पटियाला में कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ के साथ मारपीट मामला: पंजाब पुलिस पर उठे सवाल, एसआईटी गठित

पटियाला में कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ के साथ मारपीट मामला: पंजाब पुलिस पर उठे सवाल, एसआईटी गठित

कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ मामले में एसआईटी गठित। - Dainik Bhaskar

पटियाला में सेना के कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ के साथ पंजाब पुलिस के अधिकारियों द्वारा मारपीट करने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ पुलिस ने एक एसआईटी (विशेष जांच टीम) गठित की है, जिसे 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी मंजीत श्योराण के नेतृत्व में काम करने के लिए नियुक्त किया गया है। एसआईटी में एक डीएसपी, एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। यह जांच चार महीने में पूरी होने की उम्मीद है।

कर्नल के परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि उन्हें पंजाब पुलिस की जांच पर विश्वास नहीं है, इसलिए उन्होंने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की अपील की थी।

मारपीट का घटनाक्रम: 13-14 मार्च की रात को पटियाला में कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि जब कर्नल अपनी गाड़ी स्टार्ट कर रहे थे, तो कुछ पुलिसकर्मियों ने डंडे और सरिए से उनकी गाड़ी को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया। इस दौरान कर्नल का बेटा और उसका दोस्त गाड़ी में मौजूद थे, और बेटे के दोस्त ने कर्नल की पत्नी को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी। कर्नल और उनके बेटे को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां कर्नल के बाएं हाथ में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई।

पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई: इस घटना के बाद, जब मामला रक्षा मंत्रालय और आर्मी हेडक्वार्टर तक पहुँचा, तो पुलिस ने 9 दिन बाद बाई-नेम FIR दर्ज की और 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया, जिनमें 5 इंस्पेक्टर भी शामिल थे। हालांकि, इस मामले में पंजाब पुलिस पर आरोप है कि वे अपने ही कर्मचारियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, और मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

विधानसभा में मामला: कर्नल बाठ के साथ हुए इस कृत्य को लेकर पंजाब विधानसभा में भी विरोध हुआ। विरोधी दलों ने पंजाब की AAP सरकार को घेरा और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। साथ ही, सेना के पूर्व अफसरों ने पटियाला में धरना दिया, और बीजेपी नेताओं ने SSP नानक सिंह से मिलकर उचित कार्रवाई की मांग की। जैसे ही यह मामला विधानसभा में उठा, पंजाब सरकार ने नई एफआईआर दर्ज की और एसआईटी गठित की।

कर्नल के परिवार को सुरक्षा: इस घटना के बाद, कर्नल के परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है, और राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कदम उठाए हैं।

इस पूरे मामले में कर्नल के परिवार की ओर से लगातार न्याय की मांग की जा रही है, और यह देखा जाएगा कि एसआईटी की जांच से क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।

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