पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख बैठक, मनीष तिवारी ने पीएम मोदी से मुलाकात की

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख बैठक, मनीष तिवारी ने पीएम मोदी से मुलाकात की

सांसद मनीष तिवारी व पीएम नरेंद्र मोदी मीटिंग - Dainik Bhaskar

नई दिल्ली:
भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को लेकर अपनी राय साझा की। इस मुलाकात के बाद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बातचीत और अनुभव को साझा करते हुए पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों को उजागर किया।

मनीष तिवारी ने लिखा, “हमारे लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद कोई सैद्धांतिक या अकादमिक चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस संघर्ष में हमने अपनों को खोया है।” उन्होंने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को अपनी राजनीतिक यात्रा की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

1. आतंकवाद के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष की शुरुआत

मनीष तिवारी ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 1980 के दशक के मध्य में पंजाब में हुई हिंसक उग्रवाद, अलगाववाद और आतंकवाद के खिलाफ की थी। उन्होंने कहा, “उस समय ऐसा विश्वास करना मुश्किल था कि अगर आप सुबह घर से बाहर जाते हैं, तो शाम को सुरक्षित वापस लौट पाएंगे। यही संघर्ष हमारी पहचान है।”

2. आतंकी हमलों में अपने प्रियजनों को खोना

मनीष तिवारी ने 1980 से 1995 के बीच पंजाब में आतंकवादियों के हमलों में 30,000 से अधिक लोगों की मौत का जिक्र किया, जिनमें उनके अपने रिश्तेदार भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि ये आतंकवादी पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित, संसाधनयुक्त और हथियारबंद किए गए थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद उनके लिए कोई गूढ़ अकादमिक चर्चा नहीं है, बल्कि यह भारत के अस्तित्व के लिए एक गंभीर चुनौती है।

तिवारी ने इस दौरान अपनी पारिवारिक त्रासदी का भी जिक्र किया और बताया कि 1984 में आतंकवादियों ने उनके पिता, प्रोफेसर विश्वनाथ तिवारी की हत्या कर दी थी।

3. सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनना

मनीष तिवारी, डॉ. अमर सिंह (श्री फतेहगढ़ साहिब के सांसद), राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, और आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल चार प्रमुख नेता थे, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार द्वारा विदेशों में भेजे गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने। यह प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के आतंकवाद को वैश्विक मंचों पर उजागर करने के उद्देश्य से विभिन्न देशों में गया था।

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