पाक ISI एजेंट नासिर ढिल्लों का खुलासा: “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत से मिली थी खुफिया जानकारी”
जासूसी के आरोपों में पकड़ी गई ज्योति मल्होत्रा से जुड़ा है नासिर, भड़काऊ वीडियो में विदेश सचिव को भी घसीटा
नई दिल्ली, 10 जून 2025: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नासिर ढिल्लों का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह भारत में अपने सूत्रों के जरिए ऑपरेशन सिंदूर के समय मिली खुफिया जानकारियों को कबूल करता दिख रहा है। इस वीडियो में नासिर स्पष्ट रूप से कहता है कि “भारत में मौजूद अपने संपर्कों से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं।”
यह वीडियो 10 मई 2025 को नासिर के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था, जो कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 7-8 मई की रात हुए ऑपरेशन सिंदूर के ठीक तीन दिन बाद आया। वीडियो में नासिर ढिल्लों ने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना ने पुंछ में एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया था, और उसने इस हमले की पुष्टि भारत में मौजूद एक यूट्यूबर और उस गुरुद्वारे से जुड़े व्यक्ति से की थी। हालांकि उसने किसी भी व्यक्ति का नाम उजागर नहीं किया।
नासिर ने वीडियो में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी की तस्वीर भी दिखाई और उन्हें निशाना बनाते हुए भड़काऊ बातें कहीं। इस खुलासे से भारत-पाक के बीच खुफिया तनाव और भी गहरा गया है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि हाल ही में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार की गई ज्योति मल्होत्रा नासिर ढिल्लों के साथ पॉडकास्ट कर चुकी है। यह माना जा रहा है कि नासिर और ज्योति के बीच संपर्क लंबे समय से था और इस नेटवर्क के जरिए संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचाई जा रही थीं।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर, 7-8 मई 2025 की रात जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में भारतीय सेना द्वारा किया गया एक गुप्त ऑपरेशन था, जिसमें LOC के उस पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई में गुरुद्वारे पर हमला किए जाने की खबरें सामने आई थीं।
जांच एजेंसियां अलर्ट पर
नासिर के इस नए वीडियो के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं। वीडियो की फॉरेंसिक जांच और नासिर के संपर्कों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ज्योति मल्होत्रा से उसकी बातचीत में क्या कुछ साझा किया गया था।
सरकारी सूत्रों ने कहा है कि “वीडियो में किए गए दावों की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसमें किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।”
अब यह देखना अहम होगा कि इस कबूलनामे के बाद भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं और नासिर ढिल्लों के भारत में मौजूद नेटवर्क पर कितनी तेजी से शिकंजा कसा जाता है।