अब प्रधानमंत्री जनधन खाते को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री जन-धन खातों की संख्या 52.81 करोड़ है, वहीं दूसरी तरफ खाते में जमा रकम 2,30,792 करोड़ रुपये (यानी करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये) है.
वर्ष 2014 में सरकार ने राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन के तहत प्रधानमंत्री जन-धन योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य सभी वर्गों के प्रत्येक बैंक रहित परिवार को बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करना है। इसके अलावा इसका उद्देश्य बचत को प्रोत्साहित करना भी था.
महिला जनधन खातों में हिस्सेदारी
आज केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में कहा कि महिलाओं के जनधन खातों की संख्या कुल जनधन खातों का 55.6 फीसदी है. इसके अलावा महिला-जनधन खाताधारकों के खातों में करीब 29.37 करोड़ रुपये जमा हैं.
केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लगभग 35.15 करोड़ या 66.6 फीसदी पीएमजेडीवाई खाते खोले गए हैं.
केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लगभग 35.15 करोड़ या 66.6 फीसदी पीएमजेडीवाई खाते खोले गए हैं.
पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) जैसी कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी शुरू की हैं।

लाखों लोग PMJJBY और APY में नामांकित हैं
पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) जैसी कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी शुरू की हैं।
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