प्रताप सिंह बाजवा के बयान से पंजाब सियासत में बढ़ी गरما-गर्मी, आप ने किया कड़ा विरोध
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा के बयान पर पंजाब की सियासत में गरमा-गर्मी बढ़ गई है। बाजवा ने पंजाब पुलिस को लेकर बयान देते हुए इसे भंग करने और फिर से संगठित करने की बात कही थी, साथ ही उन पर नैतिक रूप से भ्रष्ट होने और अपना विवेक खोने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि नशा तस्करी जैसे अपराध पुलिस की मिलीभगत के बिना नहीं हो सकते।
इस बयान के बाद सत्ताधारी पार्टी, आम आदमी पार्टी (आप), ने बाजवा को घेरते हुए कड़ा जवाब दिया। पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि अगर बाजवा को पंजाब पुलिस से इतनी समस्या है, तो उन्हें अपनी सुरक्षा में लगी पुलिस को हटा देना चाहिए और यदि ऐसा नहीं करते तो बिना किसी देरी के पंजाब पुलिस के बहादुर और ईमानदार जवानों से माफी मांगनी चाहिए।
नील गर्ग ने आगे कहा कि बाजवा के इस बयान में कई बातें दुखद हैं, खासतौर पर जब उन्होंने नशे के साथ पकड़ी गई महिला कांस्टेबल का हवाला देते हुए पूरी पुलिस फोर्स को भ्रष्ट करार दिया। उनका यह बयान पुलिस बल की बेइज्जती करने वाला है, जो हमेशा नागरिकों की सुरक्षा में लगी रहती है।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और अकाली दल की सरकारों ने पुलिस का मिसयूज किया था और पुलिस को उचित सुविधाएं नहीं दी थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने पुलिस को अत्याधुनिक हथियारों और वाहनों से सुसज्जित किया है।
गर्ग ने अंत में बाजवा को सलाह दी कि वे पंजाब पुलिस की इज्जत करें और उनके नाम पर राजनीति न करें। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस ने पंजाब को आतंकवाद और गैंगस्टरों से मुक्त करने में अहम भूमिका निभाई है, और उस पर उंगली उठाना अनुचित है।
इस विवाद से यह साफ है कि पंजाब में पुलिस और राजनीति के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है, खासकर जब यह विषय राज्य की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से जुड़ा हो।