मोहाली: प्रवासी मजदूर अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पैसा कमाने के लिए अपना घर छोड़कर दूसरे राज्यों में जाते हैं। लेकिन अन्य राज्यों में अक्सर उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश और बिहार ऐसे राज्य हैं जहां से सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर और अन्य काम के लिए बाहर जाते हैं। इसमें पंजाब भी शामिल है जहां यूपी-बिहार के प्रवासी काम करने जाते हैं। पंजाब के मोहाली से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है.
मोहाली जिले की कुराली ग्राम पंचायत मुंडहौ संगतिया ने एक विवादित प्रस्ताव पारित किया है. गांव में रहने वाले प्रवासियों को गांव छोड़ने का आदेश दिया गया है. प्रस्ताव के मुताबिक, गांव में कोई भी व्यक्ति प्रवासियों को रहने की जगह नहीं देगा. प्रस्ताव के मुताबिक भविष्य में भी गांव में किसी भी प्रवासी का पहचान पत्र नहीं बनाया जाएगा.
क्यों लिया गया ये फैसला?
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्यों मोहाली जिले के कुराली गांव के मुंडहाऊ संगतिया को ये फैसला लेना पड़ा. इस मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि प्रवासियों की कथित मौजूदगी के कारण इलाके में आपराधिक और असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं. इसका आने वाली पीढ़ियों पर बुरा असर पड़ रहा है. इसके चलते यह फैसला लिया गया है. स्थानीय बुजुर्ग मंजीत सिंह कहते हैं, ‘एक प्रवासी महिला की हरकतों और कई प्रवासियों की असामाजिक गतिविधियों के कारण ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है।










