फिरोजपुर में दुल्हन ने उलटकर बारात लाकर दी पर्यावरण और किसान संघर्ष का संदेश
पंजाब के फिरोजपुर में हुई यह शादी एक अनोखी और प्रेरणादायक घटना है। आमतौर पर दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर जाता है, लेकिन इस शादी में दुल्हन हरमन ने उलटकर खुद बारात लेकर दूल्हे दुर्लभ के घर पहुंचने का फैसला किया। यह शादी खेत के बीचों-बीच आयोजित की गई, जिसमें टेंट गेहूं की फसल के बीच खड़ा किया गया था। यह आयोजन पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से था, लेकिन इसमें एक गहरी सोच और संदेश छुपा हुआ था।
दुल्हन हरमन कौर ने इस बारे में बताते हुए कहा कि वह और उनके पति कनाडा में रहते हैं, लेकिन शादी के लिए उन्होंने पंजाब को चुना क्योंकि वह अपनी मातृभूमि से जुड़े रहना चाहते थे। उनका यह निर्णय सिर्फ पारंपरिक शादी तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और किसानों के संघर्ष से जोड़कर एक गहरा संदेश देने की कोशिश की।
यह शादी विशेष रूप से किसानों के संघर्ष से प्रेरित थी। हरमन और दुर्लभ ने बताया कि उन्होंने अपनी शादी के पंडाल को हरे-भरे पौधों से सजाया और समारोह के बाद रिश्तेदारों को पौधे उपहार में दिए। यह संदेश भी दिया गया कि हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए।
उनके अनुसार, जब दिल्ली में किसान आंदोलन शुरू हुआ था, तब उन्होंने भी किसानों का समर्थन किया था। अब उन्होंने अपनी शादी को किसानों के संघर्ष को समर्पित किया है ताकि यह संदेश बाकी के किसान परिवारों तक पहुंच सके कि वे अपने खेतों से कभी दूर नहीं जाएं और जमीन से जुड़कर जीवन की खुशियां मनाएं।
यह शादी न केवल एक पारंपरिक समारोह थी, बल्कि यह समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और किसान संघर्ष का प्रतीक बन गई।